नक्सलवाद को लेकर छत्तीसगढ़ में तेजी से एक्शन लिया जा रहा है। पिछले एक साल के दौरान छत्तीसगढ़ में कई बड़े नक्सलियों का मार गिराया गया है। ऐसे में जब छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों का एक्शन बढ़ता है तो अक्सर नक्सली मध्य प्रदेश से सटे जिलों का रुख करते हैं। एमपी के बालाघाट, डिंडौरी और मंडला नक्सल प्रभावित जिलों में आते हैं। पिछले कुछ दिनों में एमपी पुलिस ने यहां बड़ी कार्रवाई करते हुए चार नक्सलियों को मार गिराया था, जिसके बाद से ही यहां फोर्स अलर्ट पर रहती है। वहीं गुरुवार को सीएम डॉ मोहन यादव ने भी पुलिस के सीनियर अधिकारियों के साथ नक्सलवाद को लेकर मीटिंग की है, उन्होंने स्पष्ट दिशा निर्देश दिए हैं कि मध्य प्रदेश में हर 15 दिन में नक्सलवाद की समीक्षा बैठक होगी और किसी भी कीमत पर एमपी में नक्सलवाद के पैर नहीं जमने दिए जाएंगे।
नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने का संकल्प
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने का संकल्प व्यक्त किया है। मध्यप्रदेश इस दिशा में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करेगा। प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण, दूरसंचार साधनों के विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सल तत्वों पर नियंत्रण में सफलता मिल रही है। विकास कार्य निरंतर जारी रखे जाएं और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयास तेज किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में नक्सलवाद के उन्मूलन का अभियान चल रहा है। प्रदेश में नक्सलवाद के किसी भी कीमत पर पैर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में नक्सलियों के विरूद्ध बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में हुई कार्रवाई की प्रशंसा भी की। सीएम ने बालाघाट में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में हाल ही में चार नक्सलियों को मार गिराए जाने की कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। मारे गए नक्सलियों से तलाशी में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जप्त किया गया था। छत्तीसगढ़ की सीमा के निकट वन क्षेत्र में पुलिस की नक्सल विरोधी हॉक फोर्स और स्थानीय पुलिस बल द्वारा यह साहसिक कार्रवाई की गई थी। मुख्यमंत्री ने गत वर्ष प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों को महत्वपूर्ण बताया। बैठक में मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिए अन्य निर्देश
- नक्सल प्रभावित क्षेत्र के निवासियों की आर्थिक तथा सामाजिक प्रगति के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। समन्वित प्रयासों को बढ़ाया जाए।
- संचार सुगमता के लिए मोबाइल टॉवरों की स्थापना का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करें।
- नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना के लिए हॉक फोर्स बल में वृद्धि की स्वीकृति की कार्यवाही करें।
- प्रदेश से माओवादी समस्या का उन्मूलन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके दृष्टिगत समवेत प्रयास किए जाएं।
- नक्सल प्रभावित जिलों में सुदूरवर्ती दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों के आवागमन को आसान बनाने के लिए निर्माणाधीन सड़क निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करें।
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