सरकार ने अहिल्या की नगरी में 1000 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं की घोषणा की। 982.59 करोड़ रुपए की महेश्वर जानापाव माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का नाम माता अहिल्या बाई के नाम पर करने की घोषणा की।
लोकमाता अहिल्या देवी होलकर की राजधानी के नाम से पहचाने जाने वाले मध्य प्रदेश के महेश्वर में मोहन सरकार की कैबिनेट ने विकास योजनाओं पर मंथन किया। अहिल्या देवी की 300वीं जयंती पर मां नर्मदा की पूजा अर्चना के साथ लोकमाता अहिल्यादेवी की मूर्ति का अनावरण हुआ। सरकार ने अहिल्या की नगरी में 1000 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं की घोषणा की। 982.59 करोड़ रुपए की महेश्वर जानापाव माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का नाम माता अहिल्या बाई के नाम परकरने की घोषणा की।
इससे न सिर्फ खरगोन बल्कि इंदौर और धार जिले के 123 गांवों में 28 हजार हेक्टेयर खेतों तक पानी पहुंचेगा। इससे हरियाली के साथ ही आदिवासियों के परंपरागत हुनर को पंख लगेंगे। महेश्वर में सिंचाई योजना के स्थापित होने से मां नर्मदा का जल निमाड़ के वंचित क्षेत्र की धरती को हरा भरा करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुनकरों से चर्चा कर उनके हुनर को आगे बढ़ाने का दिलासा दिया। इससे बुनकरों के साड़ी कारोबार को संजीवनी मिलेगी।