CM Bhupesh : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि किसान की यही खासियत है कि वह अपने लिए नहीं बल्कि सबके बारे में सोचता है । अपनी जमीन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी किसानों के पास होनी ही चाहिए। सोमवार को मुख्यमंत्री बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के ग्राम-कड़ार में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।कार्यक्रम में किसान दीपक वर्मा ने बताया कि किसानों की किसान किताब बाप-दादा के जमाने की है। इसके बदले नई किताब जारी कर दी जाये तो बड़ी सहूलियत होगी। किसान ने आगे बताया कि उनका एक लाख 25 हजार रूपए का ऋण माफ हुआ है और धान बेच कर मिले बोनस के पैसे से बेटी को स्कूटी खरीदी कर दी है।
दरअसल, भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान किसान दीपक वर्मा ने बताया कि किसानों का किसान किताब बाप-दादा के जमाने का बना हुआ है। इस पुराने किसान किताब को बदलकर प्रदेश के किसानों को यदि नया जारी कर दिया जाये तो बड़ी सहूलियत होगी। उन्होंने आगे बताया कि खाद-बीज खरीदने के साथ-साथ जमीन से जुड़ी जानकारी का संधारण होता है। किसान दीपक वर्मा ने आगे बताया कि उनका एक लाख 25 हजार रूपए की ऋण माफ हुई है और धान बेच कर मिले बोनस के पैसे से बेटी को स्कूटी खरीदी कर दी है। बेटी स्कूटी से अब पढ़ने जाती है। छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हित में कार्य कर रही है और इससे किसानों में खुशी है।
सीएम को महिलाओं ने बताया-50 हजार के मसाले बेच चुकीं CM Bhupesh
ठान में ओम साईं राम स्व सहायता समूह के सदस्य वर्मी कंपोस्ट निर्माण कर रहे है। अभी तक 1 लाख 20 हज़ार रुपए का बिक्री कर चुके है,समूह में कुल 11 महिला सदस्य जुड़े हुए है। इसके बाद मुख्यमंत्री अगरबत्ती यूनिट पहुंचे जहां यूनिट को संचालित करने करने वाली माँ सरस्वती महिला स्व सहायता समूह की सदस्य पूजा साहू ने बताया कि अभी तक 80 हजार रुपये का सामान बेच चुके है। जिसमे लगभग 10 हजार रूपये लागत लगी है। दोना पत्तल यूनिट को संचालित करने वाली सतनाम महिला स्व सहायता समूह की सदस्य संगीता बंजारे ने बताया कि अभी तक 50 हजार रुपये का सामान बेच चुके हैं। जिसमें लगभग 20 हजार रुपये लागत लगी है।
मुख्यमंत्री बघेल ने किसान दीपक वर्मा की बातों को ध्यान से सुना और कहा कि किसान हमेशा सभी के बारे में सोचता है और यह कितनी सुंदर बात है, जो सबके बारे में सोचते है हमने उनके बारे में सोचा है। हमारी सरकार ने किसानों के हित में अनेकों फैसले लिए है। हमने प्रति एकड़ धान खरीदने की सीमा को बढ़ाकर 20 क्विंटल कर दिया है। राजीव गांधी किसान योजना के माध्यम से किसानों को बुआई, रोपाई जैसे महत्वपूर्ण समय पर राशि मिलने से उनकी चिन्ता दूर हुई है।
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