रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज आयुष विश्वविद्यालय पहुंचे, जहां ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर्स मीट 2026 कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल, नवा रायपुर में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति मौजूद रहे।
आयुर्वेद AIIMS को लेकर बड़ा संकेत
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में जल्द आयुर्वेदिक AIIMS की शुरुआत हो सकती है। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भी लिखा है। बताया गया कि देश में कुल तीन आयुर्वेदिक AIIMS खोले जाने की योजना है, जिसमें छत्तीसगढ़ को शामिल करने की पहल की जा रही है।
“स्वास्थ्य और शिक्षा की भूमिका बढ़ेगी” – मुख्यमंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि देश में पहली बार इस तरह का वाइस चांसलर्स मीट आयोजित हो रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा और स्वास्थ्य की भूमिका और भी अहम होने वाली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री को काम करने की पूरी छूट दी गई है और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है। साथ ही प्रदेश में जगह-जगह “आरोग्य मंदिर” भी खोले जा रहे हैं।
“औषधीय संपदा में समृद्ध है छत्तीसगढ़”
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 44 प्रतिशत वन क्षेत्र है, जहां अनेक प्रकार की औषधीय वनस्पतियां पाई जाती हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बस्तर में आयुर्वेदिक उपचार के लिए अमेरिका से लोग कैंसर इलाज कराने पहुंचते हैं।
डॉक्टरों की कमी पर सांसद का बड़ा बयान
कार्यक्रम में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देशभर में मेडिकल कॉलेज तो खुल रहे हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने और सेवा देने वाले डॉक्टरों की भारी कमी है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में करीब 1700 डॉक्टरों की कमी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब डॉक्टर ही उपलब्ध नहीं हैं, तो नए मेडिकल कॉलेज खोलने का औचित्य क्या है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं चुनौती
सांसद ने कहा कि सबसे ज्यादा चिंता का विषय ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की अनुपलब्धता है। उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी योजनाओं और घोषणाओं के बावजूद गांवों में लोगों को डॉक्टर नहीं मिल पा रहे हैं, जिस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।