मध्यप्रदेश के श्योपुर में 56 मदरसों की मान्यता रद्द कर दी गई है. मदरसों की मान्यता रद्द होने के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में संचालित सभी सरकारी-प्राइवेट शिक्षण संस्थानों और मदरसों की जांच की जा रही है. जिन संस्थाओं को अनुदान दिया जा रहा है वह क्या काम कर रहे है इसकी जांच की जा रही है. श्योपुर जिले में 80 से ज्यादा मदरसे संचालित हो रहे हैं जिनमें 50 से अधिक मदरसों में किसी तरह की कोई शैक्षणिक गतिविधि को अंजाम नहीं दिया जा रहा है
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्थानों की व्यवस्था पर सतत निगरानी करती है कि कहां कैसी शिक्षण व्यवस्था चल रही है. बच्चों की क्या स्थिति है, हमें ध्यान में ये आया कि अनेक जगह ऐसी है जहां स्कूल संचालित नहीं है या बच्चे नहीं है, या किसी तरह से अनियमितता की स्थिति है.अभी कुछ जिलों से ये बात सामने आई है श्योपुर जिला उनमें से एक है.
श्योपुर जिले में 80 से ज्यादा मदरसे
श्योपुर जिले में करीब 80 से ऊपर मदरसे चल रहे थे इनमें 53-54 स्कूल ऐसे हैं जो लगातार कई महीनों से बंद थे. इसलिए सात- आठ महीनों से सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता बंद कर दी गई थी तो शासन ने तय किया कि उन स्कूल को बंद कर दिया जाए.
हिंदू छात्र-छात्राओं के नाम पर भी ली जा रही थी सरकारी सहायता
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश के सभी जिलों में संचालित मदरसों के भौतिक सत्यापन की जांच में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं। श्योपुर जिला शिक्षा अधिकारी की जांच में यह सामने आया कि मदरसों में ऐसे हिंदू छात्र-छात्राओं के नाम पर भी सरकारी सहायता ली जा रही थी, जिनकी शिक्षा पूरी हो चुकी है या वह नौकरी कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री बोले- मदरसा बंद करना हमारी मंशा नहीं
उन्होंने कहा कि मदरसा बोर्ड के स्कूल बंद किए जा रहे हैं, हमारी मंशा यह नहीं है। स्कूल खोला गया है, बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिलना है, इसका हनन होगा तो उसे बंद करेंगे। विसंगति मिली, इसलिए मदरसा स्कूलों को बंद करने का काम किया गया। हमारे मुख्यमंत्री का निर्देश है, समान रूप से स्कूल संचालित करना है। इसके तहत नियमों को जो तोड़ेगा, उसके खिलाफ हम कार्रवाई करेंगे।
भौतिक सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश
स्कूल शिक्षा मंत्री ने प्रदेश में संचालित मदरसों की भौतिक सत्यापन की जांच में तेजी लाने के भी निर्देश भी दिये हैं। उन्होंने कहा कि जो मदरसे नियमानुसार संचालित नहीं हो रहे हैं उनकी मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाये। साथ ही प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं के स्कूलों का भी भौतिक सत्यापन तेज गति से किया जाये।
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