रायपुर। बेमेतरा में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का कार्यक्रम अब राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। जिस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा समेत कई मंत्री मौजूद थे, वहीं मंच से विधानसभा अध्यक्ष ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर खुलकर नाराजगी जताई।
विधायक दीपेश साहू की शादी बनी आकर्षण का केंद्र
बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की चर्चा लंबे समय से चल रही थी। इसकी एक बड़ी वजह स्थानीय विधायक दीपेश साहू की शादी भी रही, जो इसी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सात फेरे लेने पहुंचे थे। विधायक की बारात बेलगाड़ी में निकाली गई, जबकि डिप्टी सीएम अरुण साव दूल्हे राजा के सारथी बने। कार्यक्रम में 23 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया।
बारिश के बीच बिगड़ी व्यवस्थाएं
कार्यक्रम के दौरान अचानक मौसम बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के चलते कार्यक्रम में अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई। मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, दोनों डिप्टी सीएम, कैबिनेट मंत्री, विधायक और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू कार्यक्रम में मौजूद थे।
स्थिति उस समय ज्यादा बिगड़ी जब नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देने का कार्यक्रम शुरू होना था। आनन-फानन में विश्राम गृह में व्यवस्था की गई, लेकिन इसे लेकर मंच से ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अधिकारियों को फटकार लगा दी।
डॉ. रमन सिंह ने मंच से जताई नाराजगी
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सार्वजनिक मंच से कहा कि मुख्यमंत्री की गरिमा के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं की गईं। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार इतनी अव्यवस्थित व्यवस्था देखी है। उनके बयान के बाद कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल और तेज हो गए।
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांच के निर्देश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम में अचानक बदलाव की वजह से कार्यक्रम की व्यवस्था प्रभावित हुई। उन्होंने बताया कि कमिश्नर इस पूरे मामले की जांच करेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विधायक दीपेश साहू ने सामूहिक विवाह में शादी कर सामाजिक संदेश देने का काम किया है।
अरुण साव बोले- रमन सिंह की बातों को गंभीरता से लें
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि डॉ. रमन सिंह वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, इसलिए उनकी बातों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने माना कि कार्यक्रम के दौरान कुछ व्यवस्थागत समस्याएं सामने आईं।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
सरकार के स्पष्टीकरण से विपक्ष संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इसे सुशासन के दावों की पोल खोलने वाली घटना बताया। कांग्रेस का कहना है कि जब मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ही व्यवस्थाएं नहीं संभल पा रही हैं, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम की मौजूदगी में विधानसभा अध्यक्ष की नाराजगी यह साबित करती है कि सरकार से प्रदेश की व्यवस्था नहीं संभल रही है।