DA Increased: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कर्मचारियों को बड़ा तोहफा मिला है। शिवराज सरकार ने चुनावी साल में मध्यप्रदेश के साढ़े 7 लाख अधिकारी-कर्मचारियों को तोहफा दिया है। सरकार ने मंहगाई भत्ते (dearness allowance) में 4% प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इससे बाद अब प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों को भी केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर 38% डीए (dearness allowance) मिलेगा। शिवराज सरकार 15 महीने में चार बार में 26% प्रतिशत डीए (dearness allowance) बढ़ा चुकी है। यह कर्मचारियों को साधने की दिशा में शिवराज सरकार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होने हैं।
शुक्रवार रात आदेश जारी कर दिए
पिछले सप्ताह सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने सीहोर जिले के नसरुल्लागंज में अधिकारी-कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) देने का ऐलान किया था। इसके बाद सरकार ने शुक्रवार रात में इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। वित्त विभाग की तैयारी के हिसाब से 4 प्रतिशत डीए के भुगतान में सरकार पर हर साल 1440 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। केंद्र सरकार पिछले साल ही अपने कर्मचारियों को 38% डीए दे रही है।
1 जनवरी 2023 से लागू होगा
सातवें वेतनमान के अंतर्गत यह 1 जनवरी 2023 से लागू होगा, इस संबंध में वित्त विभाग, मप्र शासन ने आदेश जारी कर दिए है। इसका लाभ प्रदेश के 7.50 लाख कर्मचारियों मिलेगा। मंहगाई भत्ते में 50 पैसे या उससे अधिक पैसे को अगले उच्चतर रुपए में पूर्णांकित किया जाएगा और 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जाएगा। इस संबंध में जारी हुए आदेश के मुताबिक मंहगाई भत्ते का कोई भी हिस्सा किसी भी प्रयोजन के लिए वेतन के रूप में नहीं माना जाएगा।
38 फीसदी महंगाई भत्ता
आदेश में साफ तौर कहा गया है कि वर्तमान में शासकीय सेवकों को एक अगस्त 2022 से सातवें वेतनमान में 34 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा था, लेकिन 4 फीसदी वृद्धि के बाद अब कर्मचारियों को 38 फीसदी महंगाई भत्ता जनवरी 2023 से दिया जाएगा। वहीं महंगाई भत्ते का कोई भी भाग किसी भी प्रयोजन के लिए वेतन के रूप में नहीं माना जाएगा। राज्य शासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ते के भुगतान पर किया गया खर्च संबंधित विभाग के चालू वर्ष के स्वीकृत बजट के प्रावधान से ज्यादा नहीं हो।
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