रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर सियासी अटकलें तेज हो गई हैं। संगठन में संभावित बदलाव और नई नियुक्तियों की चर्चाओं के बीच बीजेपी ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर हमला बोला है। रायपुर उत्तर से बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बड़ा बयान दिया है। वहीं कांग्रेस ने भी बीजेपी विधायक के बयान पर पलटवार किया है।
पुरंदर मिश्रा ने दीपक बैज पर साधा निशाना
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदले जाने की चर्चाओं के बीच बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दीपक बैज का कांग्रेस में कोई औकात नहीं है। मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में नियुक्तियां तक नहीं हो पा रही हैं और प्रदेश अध्यक्ष अब तक अपनी कार्यकारिणी की घोषणा नहीं कर पाए हैं।
पुरंदर मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि वे दीपक बैज को बधाई देते हैं कि उन्होंने अभी तक कार्यकारिणी घोषित नहीं की। बीजेपी विधायक ने यह भी कहा कि कांग्रेस में पद और जिम्मेदारियां योग्यता के आधार पर नहीं बल्कि प्रभाव और संसाधनों के दम पर तय होती हैं।
संगठनात्मक फेरबदल को लेकर चर्चाएं जारी
दरअसल, कांग्रेस संगठन में लंबे समय से नियुक्तियों और कार्यकारिणी गठन को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। इसी बीच प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर भी कई नेताओं के नाम सामने आने की चर्चा है। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक किसी भी बदलाव को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
संगठनात्मक फेरबदल की अटकलों के बीच बीजेपी कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति को मुद्दा बनाकर राजनीतिक बढ़त लेने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे विपक्ष की बौखलाहट बता रही है।
कांग्रेस का पलटवार, विकास उपाध्याय ने दिया जवाब
बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा के बयान पर कांग्रेस ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि बीजेपी के लोग खुद जानते हैं कि उनकी राजनीतिक हैसियत क्या है।
विकास उपाध्याय ने दीपक बैज का बचाव करते हुए कहा कि वे दो बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं। साथ ही वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सफल अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं।
हाईकमान के फैसले पर टिकी निगाहें
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने नजर आ रहे हैं। एक तरफ बीजेपी संगठनात्मक कमजोरी का आरोप लगा रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस अपने नेतृत्व का बचाव करते हुए बीजेपी पर ही सवाल खड़े कर रही है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस हाईकमान संगठन में कोई बड़ा बदलाव करता है या फिर मौजूदा नेतृत्व पर ही भरोसा कायम रखता है