रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही खाद वितरण व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य सरकार जहां प्रदेश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता होने का दावा कर रही है, वहीं किसान संगठन और विपक्ष सहकारी समितियों में DAP की भारी कमी का आरोप लगा रहे हैं। विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा छोटे और सीमांत किसानों को खाद वितरण से वंचित किए जाने का बन गया है।
DAP की कमी के पीछे वैश्विक कारणों का हवाला
धान उत्पादन वाले प्रदेश छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के दौरान DAP खाद की मांग सबसे अधिक रहती है। इस बार देशभर में DAP की आपूर्ति प्रभावित होने की बात कही जा रही है। सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक परिस्थितियों के कारण उर्वरकों के आयात और सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। इसी वजह से DAP की उपलब्धता सीमित हुई है। राज्य सरकार किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग की सलाह भी दे रही है।
छोटे किसानों के साथ भेदभाव का आरोप
भारतीय किसान यूनियन समेत कई किसान संगठनों ने आरोप लगाया है कि सहकारी समितियों में DAP वितरण के दौरान छोटे किसानों की अनदेखी की जा रही है। किसान नेताओं का कहना है कि एक एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को प्राथमिकता सूची से बाहर रखा जा रहा है। उनका तर्क है कि खेती का आधार केवल भूमि का आकार नहीं बल्कि किसान की आजीविका होती है। ऐसे में छोटे और सीमांत किसानों को खाद नहीं मिलने से सबसे अधिक नुकसान इन्हीं वर्गों को होगा।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने भी खाद संकट को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों के हितों के खिलाफ काम कर रही है और सहकारी समितियों में खाद की भारी कमी है। शिव डहरिया ने किसान संगठनों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि किसानों की आय प्रभावित हो रही है।
कृषि मंत्री का पलटवार
वहीं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि प्रदेश में खाद की उपलब्धता बनी हुई है और संकट को लेकर अनावश्यक माहौल तैयार किया जा रहा है। सरकार लगातार वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रही है।
सवाल बरकरार
खरीफ सीजन के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रदेश में वास्तव में DAP खाद का संकट है या फिर यह मुद्दा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है। हालांकि किसानों की चिंता यह है कि समय पर खाद नहीं मिलने से खेती और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।