छत्तीसगढ़ पुलिस ने “ऑपरेशन तलाश” के तहत बड़ी कामयाबी हासिल की है। 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चले इस राज्यव्यापी अभियान में कुल 4,056 लापता लोगों का पता लगाया गया है। यह अभियान विशेष रूप से संवेदनशील मामलों को ध्यान में रखकर चलाया गया था।
बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस
प्रेस नोट में डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DGP) ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लापता बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। इस पहल ने हजारों परिवारों के जीवन में फिर से खुशियां लौटाई हैं।
आंकड़ों में बड़ी उपलब्धि
जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 4,056 लोगों में 545 बच्चे शामिल हैं, जिनमें 75 लड़के और 470 लड़कियां हैं। इसके अलावा 972 पुरुष और 2,539 महिलाओं को भी पुलिस ने सफलतापूर्वक खोज निकाला।
मानव तस्करी के खतरे से बचाव
पुलिस के मुताबिक जिन बच्चों को बरामद किया गया, वे ऐसे वर्ग से आते हैं जिन पर मानव तस्करी या अन्य अपराधों का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में यह अभियान सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम साबित हुआ है।
परिवारों से कराया गया मिलन
छत्तीसगढ़ पुलिस ने सभी बरामद बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को विधिवत उनके परिजनों से मिलवाया। इस कदम से न सिर्फ परिवारों को राहत मिली, बल्कि पुलिस के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का उदाहरण
यह सफलता छत्तीसगढ़ पुलिस की संवेदनशीलता, प्रतिबद्धता और जवाबदेही का मजबूत उदाहरण मानी जा रही है। “ऑपरेशन तलाश” ने यह साबित किया है कि संगठित प्रयासों से बड़े स्तर पर सामाजिक बदलाव संभव है।