रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा व्यवस्था में जल्द कई अहम बदलाव किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि शनिवार को मॉर्निंग शिफ्ट में संचालित होने वाले स्कूलों को अब डे शिफ्ट में चलाने की तैयारी है। शनिवार को पढ़ाई के साथ खेल, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों पर विशेष फोकस रहेगा।सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
शनिवार को डे शिफ्ट में चलेंगे स्कूल
शिक्षा मंत्री के अनुसार जिन स्कूलों में शनिवार को मॉर्निंग शिफ्ट लगती है, वहां अब डे शिफ्ट में कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इस दिन विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ विभिन्न खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल किया जाएगा।स्थानीय खेलों को भी इन गतिविधियों में प्राथमिकता देने की योजना है, ताकि बच्चों को अपनी क्षेत्रीय खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके।
छात्राओं के लिए कराटे प्रशिक्षण पर जोर
स्कूलों में बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए कराटे प्रशिक्षण देने की योजना भी तैयार की जा रही है। इसके लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे।शिक्षा विभाग ने इस संबंध में NCC से जुड़े अधिकारियों के साथ भी चर्चा की है। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से स्कूलों में छात्राओं को नियमित कराटे प्रशिक्षण देने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
बालिकाओं के लिए बनेंगे 8 हजार से ज्यादा नए टॉयलेट
स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रदेश में बालिकाओं के लिए 8 हजार से अधिक नए टॉयलेट बनाए जाएंगे।इसके अलावा स्कूल भवनों की मरम्मत, रिपेयरिंग और अतिरिक्त भवन निर्माण की जरूरत वाले स्कूलों की सूची जिलों से मांगी गई है। छोटे स्तर के मरम्मत कार्यों के लिए राज्य सरकार की ओर से राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
जर्जर स्कूल भवनों की होगी मरम्मत
जिन स्कूल भवनों की स्थिति जर्जर है, वहां नए भवन निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को बैठक कर ऐसे स्कूलों को चिन्हित करने और जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।स्कूलों को हर साल मिलने वाली मेंटेनेंस राशि का सही इस्तेमाल हो रहा है या नहीं, इसकी भी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी वार्षिक कैलेंडर के अनुसार स्कूलों में पढ़ाई नियमित रूप से हो, इसकी निगरानी की जाएगी। प्रदेश स्तर पर हर महीने समीक्षा बैठक आयोजित कर स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था और अन्य गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी।सरकार का फोकस केवल कक्षा में पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों को खेल, संस्कृति, आत्मरक्षा और अनुशासन से जोड़कर उनके समग्र विकास पर भी रहेगा।