भोपाल। कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में मध्यप्रदेश सरकार ने मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नहीं देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद निर्णय लिया गया। अब मामला अंतिम निर्णय के लिए राज्यपाल मंगुभाई पटेल के पास भेजा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को प्रस्तावित है।
कैबिनेट ने अभियोजन की मंजूरी नहीं देने का लिया फैसला
कैबिनेट बैठक में मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति का प्रस्ताव चर्चा के लिए रखा गया। चर्चा के दौरान सरकार की ओर से यह तर्क दिया गया कि विजय शाह की मंशा सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी का अपमान करने की नहीं थी। बैठक के दौरान अधिकारियों को बाहर भेज दिया गया था। मंत्रियों के साथ मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला और विधि विभाग के अधिकारी ही मौजूद रहे।
अंतिम निर्णय के लिए राज्यपाल के पास जाएगा मामला
विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी नहीं देने का फैसला कैबिनेट ने किया है। हालांकि अंतिम निर्णय राज्यपाल मंगुभाई पटेल के स्तर पर होना है, क्योंकि वे मंत्री के नियुक्तिकर्ता हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण सरकार की ओर से इस पर आधिकारिक तौर पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
तीन बार सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं विजय शाह
विजय शाह इस मामले में सार्वजनिक रूप से तीन बार माफी मांग चुके हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी 2026 की सुनवाई के दौरान माफी मांगने में हुई देरी पर नाराजगी जताई थी। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से अभियोजन की स्वीकृति को लेकर जल्द निर्णय लेने को कहा था। इसके बाद मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस पर फैसला लिया गया।
क्या था विजय शाह का विवादित बयान?
विजय शाह ने 11 मई 2025 को इंदौर के महू के राय कुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कर्नल का नाम लिए बिना ऐसा बयान दिया था, जिसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक विरोध हुआ।
हाईकोर्ट के संज्ञान के बाद दर्ज हुई थी FIR
विजय शाह के बयान के बाद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। बाद में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया। SIT ने मामले की जांच पूरी करने के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 के तहत आगे की कार्रवाई के लिए अभियोजन की मंजूरी मांगी थी। अब सरकार के फैसले के बाद मामला राज्यपाल के समक्ष जाएगा।
31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी से जुड़े इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में **31 अगस्त** को सुनवाई होनी है। सरकार की ओर से इस फैसले के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र भी पेश किया जाएगा। ऐसे में कैबिनेट के फैसले के बाद अब राज्यपाल के निर्णय और सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर नजर रहेगी।