नई दिल्ली - अमेरिका और भारत के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर असहमति के बीच भारत और रूस के संबंधों में उच्चस्तरीय सक्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अगले कुछ महीनों में कम से कम तीन बार मुलाकात होने की संभावना है। पहली मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन के दौरान होने की बात कही जा रही है। इसके कुछ ही दिनों बाद दोनों नेता नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में फिर आमने-सामने हो सकते हैं। इसके अलावा भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन को लेकर भी दोनों देशों के अधिकारी संपर्क में हैं।
जयशंकर ने पुतिन को सौंपा पीएम मोदी का संदेश
रूस की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं और व्यक्तिगत संदेश पुतिन को सौंपा। जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन से मिलने के इच्छुक हैं। इसके बाद भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान उनका स्वागत किया जाएगा। दोनों देशों की सुविधा के अनुसार वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित करने पर भी बातचीत जारी है।
व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर हुई चर्चा
इससे पहले जयशंकर और रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव की अगुवाई में भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की 27वीं बैठक हुई। बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, उर्वरक, विज्ञान, तकनीक, परमाणु सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों सहित कई क्षेत्रों की समीक्षा की गई। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। रूस ने भारत के साथ ऊर्जा और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत को उर्वरक आपूर्ति बढ़ाएगा रूस
मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को उर्वरकों की आपूर्ति बढ़ाने का भरोसा दिया। उन्होंने ऊर्जा संसाधनों और उर्वरकों को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल किया। पुतिन ने कहा कि रूस भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए उर्वरकों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है और आगे भी ऐसा करने को तैयार है। पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण भारत में उर्वरक आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे में भारत ने रूस से आपूर्ति बढ़ाने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की पिछली मुलाकातों में भी यह मुद्दा चर्चा में रहा है।
परमाणु और हाईटेक सहयोग पर भी जोर
रूसी राष्ट्रपति ने भारत-रूस के बीच परमाणु ऊर्जा, हाईटेक और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध कई दशकों से मजबूत हैं और सरकार, संसद तथा कारोबारी स्तर पर लगातार सहयोग जारी है।
भारत-रूस व्यापार में फिर बढ़ोतरी
पुतिन ने दोनों देशों के बीच व्यापार में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल व्यापार में कुछ कमी आई थी, लेकिन इस साल कारोबार फिर बढ़ रहा है। मोदी और पुतिन की संभावित लगातार मुलाकातों तथा व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक और परमाणु सहयोग पर बढ़ती बातचीत से संकेत मिलता है कि भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को दोनों देश आगे भी मजबूत बनाए रखना चाहते हैं।
