धार जिले में मंगलवार देर रात एक यात्री बस में अचानक भीषण आग लग गई। गुजरात के सूरत से उत्तर प्रदेश के कानपुर जा रही बस में करीब रात 1:10 बजे आग लगी। हादसा सरदारपुर नगर के भोपावर चौकी के पास हुआ।
बस में धुआं भरते ही यात्रियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कुछ यात्री मुख्य दरवाजे से बाहर निकले, जबकि कई लोगों को खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर कूदना पड़ा। हादसे में कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं, जबकि यात्रियों का सामान, नकदी और कपड़े जलकर खाक हो गए।
धुआं उठते ही मची अफरा-तफरी
जानकारी के मुताबिक बस में सफर कर रहे यात्रियों को अचानक धुआं दिखाई दिया। देखते ही देखते धुआं बस के अंदर भरने लगा और आग ने विकराल रूप ले लिया।हालात बिगड़ते देख यात्रियों ने अपनी जान बचाने की कोशिश शुरू कर दी। कई यात्री बस के मुख्य दरवाजे से बाहर निकल गए, जबकि जिन लोगों के लिए दरवाजे से निकलना मुश्किल था, उन्होंने खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर छलांग लगा दी।बताया गया कि बस का चालक धुआं उठता देखकर वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।
बस पूरी तरह जलकर खाक
हादसे की सूचना मिलते ही सरदारपुर एसडीओपी और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने सड़क के एक हिस्से को बंद कर यातायात को दूसरे रास्ते से डायवर्ट कराया। दमकल की गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।हालांकि तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।
दाहोद में चार घंटे रुकी थी बस
यात्रियों ने बताया कि बस सूरत और गुजरात के अन्य शहरों से यात्रियों को लेकर रवाना हुई थी। दाहोद के पास एक होटल पर बस को करीब चार घंटे तक रोककर तकनीकी मरम्मत कराई गई थी।मरम्मत के बाद बस को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया था। इसके कुछ समय बाद ही धार जिले में बस में आग लग गई। आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।
मां ने पहले बेटे को खिड़की से बाहर निकाला
हादसे के दौरान कानपुर निवासी यात्री नीलम पाल ने अपने 8 वर्षीय बेटे की जान बचाने के लिए साहस दिखाया।नीलम पाल के मुताबिक बस में धुआं भरने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपने आठ साल के बेटे को खिड़की से बाहर निकाला। इसके बाद वह खुद भी खिड़की से बाहर कूदकर सुरक्षित निकलीं।हालांकि इस घटना में उनके बैग में रखे रुपये, चांदी की पायजेब और कपड़े आग की चपेट में आकर जल गए।
यात्रियों को दूसरी बसों से भेजा गया
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए व्यवस्था की। इंदौर की ओर जाने वाली अन्य यात्री बसों को रुकवाया गया और यात्रियों को उनकी जरूरत और गंतव्य के अनुसार दूसरी बसों में बैठाकर आगे रवाना किया गया।पुलिस ने मौके पर यातायात व्यवस्था संभाली और यात्रियों को सुरक्षित तरीके से आगे भेजने की व्यवस्था की।
आग लगने की वजह की जांच होगी
बस में आग लगने की वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है। खास बात यह है कि हादसे से पहले दाहोद के पास बस की तकनीकी मरम्मत कराई गई थी। ऐसे में आग लगने की वजह जानने के लिए जांच महत्वपूर्ण होगी।हादसे में कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। वहीं बड़ी संख्या में यात्रियों का सामान जलने से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है।