रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का असर देखने को मिला। शनिवार रात रायपुर में ओलावृष्टि हुई, जबकि तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और होर्डिंग्स गिर गए। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।
रायपुर में ओलावृष्टि और आंधी से जनजीवन प्रभावित
राजधानी रायपुर में शनिवार रात तेज आंधी और बारिश के साथ ओले भी गिरे। केनाल रोड पर एक बड़ा पेड़ गिरने से सड़क पूरी तरह बाधित हो गई। देर रात तक नगर निगम और पीडब्ल्यूडी का अमला मौके पर नहीं पहुंचा, जिसके बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ते को वन-वे कर दिया। तेज हवाओं के कारण शहर के कई इलाकों में बड़े-बड़े होर्डिंग्स भी उड़ गए। लोगों को ट्रैफिक और बिजली आपूर्ति की समस्याओं का सामना करना पड़ा।
कोरबा, धमतरी और कोंडागांव में भी जमकर बारिश
रायपुर के अलावा कोरबा, धमतरी और कोंडागांव जिलों में भी तेज बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया और तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित हुआ। कोंडागांव और आसपास के इलाकों में बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन कई जगह जलभराव जैसी स्थिति भी बनी रही।
बीजापुर में बिजली गिरने से 10 मवेशियों की मौत
बीजापुर जिले में आकाशीय बिजली गिरने की बड़ी घटना सामने आई है। बिजली गिरने से 10 मवेशियों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
बंगाल की खाड़ी में एक्टिव सिस्टम का असर
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके साथ ऊपरी हवा में चक्रवाती सिस्टम भी बना हुआ है। इसी सिस्टम के कारण प्रदेश में नमी बढ़ी है और आंधी-बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। उत्तर प्रदेश, विदर्भ और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में सक्रिय ट्रफ लाइन का असर भी छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है।
अगले 3 दिन तक आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। विभाग ने बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
26 मई तक केरल पहुंच सकता है मानसून
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे मानसून मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के आगमन की तारीख में चार दिन आगे-पीछे का अंतर संभव है।