रायपुर। स्वामी आत्मानंद अंग्रेज़ी माध्यम स्कूलों में सुविधाओं की कमी और फंड कटौती को लेकर कांग्रेस ने शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा खोले गए स्वामी आत्मानंद स्कूलों की मूल भावना को वर्तमान सरकार समाप्त कर रही है।
इसी क्रम में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल के प्रिंसिपल से चर्चा कर संसाधनों, स्टाफ और फंड से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। कांग्रेस नेताओं ने स्कूलों की बिगड़ती स्थिति में हरसंभव सहयोग देने की बात भी कही।
आरडी तिवारी, स्वामी आत्मानंद स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि स्कूल में आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं मिल पाया है।
वहीं कांग्रेस के रायपुर शहर जिला अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूलों में न तो पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया जा रहा है और न ही योग्य अंग्रेज़ी माध्यम के शिक्षक व प्राचार्य नियुक्त किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कुर्सी-टेबल, लैब सामग्री, यूनिफॉर्म जैसे बुनियादी संसाधन भी समय पर नहीं मिल पा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जहां डीएमएफ फंड के तहत प्रति स्कूल 5 से 6 लाख रुपये मिलते थे, वहीं अब इसे घटाकर दो लाख रुपये से भी कम कर दिया गया है। मेरिट और पारदर्शिता की जगह अब राजनीतिक सिफारिशों ने ले ली है।
पूर्व मेयर प्रमोद दुबे ने कहा कि जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि यदि सरकार आत्मानंद स्कूलों को पर्याप्त फंड देने में असमर्थ रहती है, तो कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता अपनी जेब से स्कूलों के खर्च में सहयोग करेंगे। इसके लिए चंदा इकट्ठा करने की योजना भी बनाई जाएगी।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्वामी आत्मानंद स्कूलों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर और व्यापक आंदोलन करेगी।
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