मध्यप्रदेश की 16वीं विधानसभा के नवम सत्र के दौरान राजधानी भोपाल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से विधानसभा भवन के आसपास धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश 16 फरवरी 2026 से 6 मार्च 2026 तक प्रभावशील रहेगा। पुलिस आयुक्त भोपाल संजय कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है।आदेश के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर रोक रहेगी। इस प्रकार की भीड़ को गैरकानूनी माना जाएगा।
भोपाल में धारा 163 लागू
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति जुलूस, रैली, धरना-प्रदर्शन अथवा किसी भी प्रकार की सभा का आयोजन या उसमें भाग नहीं ले सकेगा। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर शस्त्र, लाठी, डंडा, भाला, पत्थर, चाकू, अन्य धारदार हथियार अथवा आग्नेय शस्त्र लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
16 फरवरी से 6 मार्च तक प्रतिबंध
विधानसभा सत्र की अवधि के दौरान विधानसभा परिसर के पाँच किलोमीटर की परिधि में भारी वाहनों जैसे ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर तथा यातायात बाधित करने वाले धीमी गति के वाहनों—तांगा, बैलगाड़ी आदि—के आवागमन पर भी रोक रहेगी। कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया जाएगा, जिससे शिक्षण संस्थानों, दुकानों, होटलों, उद्योगों अथवा सार्वजनिक और निजी सेवाओं में बाधा उत्पन्न हो।यह आदेश ड्यूटी पर तैनात शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। वहीं विवाह समारोह, बारात तथा शवयात्रा को प्रतिबंध से छूट दी गई है। यह आदेश प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक अथवा विधानसभा सत्र के स्थगन या सत्रावसान तक (जो पहले हो) प्रभावशील रहेगा।यह प्रतिबंध विधानसभा भवन के आसपास के प्रमुख क्षेत्रों और मार्गों—रोशनपुरा, राजभवन, मुख्यमंत्री निवास, नवीन विधानसभा क्षेत्र, 74 बंगला, बोर्ड ऑफिस चौराहा, पत्रकार भवन, सतपुड़ा, विंध्याचल और वल्लभ भवन क्षेत्र सहित अन्य संवेदनशील इलाकों में लागू रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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