भारत के हेल्थकेयर सेक्टर के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली को ब्रांड फाइनेंस की ग्लोबल टॉप 250 हॉस्पिटल रैंकिंग 2026 में दुनिया का छठा सर्वश्रेष्ठ अस्पताल घोषित किया गया है। इस उपलब्धि के साथ एम्स ने अमेरिका और यूरोप के दिग्गज मेडिकल संस्थानों के बीच अपनी मजबूत वैश्विक पहचान दर्ज कराई है।
दुनिया के दिग्गज अस्पतालों के बीच एम्स की दमदार मौजूदगी
रैंकिंग में एम्स दिल्ली ने अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस मेडिसिन, ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स और मायो क्लिनिक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को पीछे छोड़ते हुए टॉप 10 में जगह बनाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, एम्स को यह रैंकिंग केयर परसेप्शन, ब्रांड वैल्यू, ब्रांड स्ट्रेंथ और वैश्विक प्रतिष्ठा जैसे अहम पैमानों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर मिली है।खास बात यह रही कि एम्स का केयर स्कोर टॉप रैंक वाले अस्पताल से महज 1.1 अंक कम रहा, जो सीमित संसाधनों के बावजूद इसकी चिकित्सा गुणवत्ता, भरोसे और समर्पण को दर्शाता है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मिली वैश्विक मान्यता
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी सरकारी अस्पताल का दुनिया के टॉप 10 अस्पतालों में शामिल होना भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की वैश्विक साख को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है। एम्स दिल्ली देश का प्रमुख तृतीयक स्वास्थ्य संस्थान है, जहां हर साल देश-विदेश से लाखों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। एम्स में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं, उच्च स्तरीय मेडिकल ट्रेनिंग और सैकड़ों शोध परियोजनाएं संचालित की जाती हैं, जो इसे विश्व स्तर पर अलग पहचान दिलाती हैं।
टॉप 10 में भारत की मजबूत मौजूदगी
ब्रांड फाइनेंस की इस रैंकिंग में पहले स्थान पर जॉन्स हॉपकिंस मेडिसिन,दूसरे स्थान पर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स,तीसरे स्थान पर स्टैनफोर्ड मेडिकल सेंटर रहा,वहीं भारत से एम्स नई दिल्ली ने छठा स्थान और टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई ने 13वां स्थान हासिल कर भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर की वैश्विक ताकत को साबित किया है।
एम्स और टाटा मेमोरियल की इस उपलब्धि को भारत की चिकित्सा क्षमता, डॉक्टरों की विशेषज्ञता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का अंतरराष्ट्रीय प्रमाण माना जा रहा है। यह रैंकिंग न केवल देश के हेल्थकेयर सिस्टम पर भरोसा बढ़ाती है, बल्कि मेडिकल टूरिज़्म के लिहाज़ से भी भारत को वैश्विक मानचित्र पर और मजबूत बनाती है।
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