महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर में अलौकिक रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भगवान ओंकारनाथ रातभर भक्तों को दर्शन देंगे। श्रद्धालुओं की संख्या दो लाख से अधिक रहने का अनुमान है, जिसे देखते हुए श्रीजी मंदिर ट्रस्ट ने विशेष प्रबंध किए हैं। इसी के अंतर्गत रात तीन बजे शयन आरती सम्पन्न की जाएगी और केवल पंद्रह मिनट बाद मंगल आरती के साथ ही भक्तों के लिए मंदिर के पट पुनः खोल दिए जाएंगे। इस दौरान दर्शन व्यवस्था में पूर्ण अनुशासन बनाए रखने के लिए सुरक्षा एवं सेवक दल को विशेष रूप से तैनात किया जा रहा है।
दर्शन मार्ग में जिगजैग व्यवस्था और पूजन सामग्री पर नियम
तीर्थनगरी में आने वाले अत्यधिक श्रद्धालुओं को देखते हुए मंदिर में प्रवेश और दर्शन के लिए जिगजैग कतार व्यवस्था लागू की गई है। भक्तों को जेपी चौक से पुराने झूला पुल होते हुए रैंप मार्ग से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा, ताकि भीड़ नियंत्रित रह सके। महाशिवरात्रि पर गर्भगृह में जल, फूल, बिल्व पत्र, पूजन सामग्री और अन्य वस्तुएँ ले जाने की अनुमति नहीं होगी। नंदी हॉल में ही पूजन सामग्री एकत्र कर ली जाएगी, जिसके बाद जलाधारी के माध्यम से जल अर्पण की व्यवस्था की गई है। यह प्रणाली भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के साथ-साथ गर्भगृह की मर्यादा बनाए रखने हेतु लागू की जा रही है।
मंदिर सजावट और पुष्पवर्षा का भव्य प्रस्ताव
इस बार महाशिवरात्रि पर ओंकारेश्वर मंदिर को सवा क्विंटल विभिन्न पुष्पों से अलंकृत किया जाएगा। मंदिर की दिव्य आभा को और बढ़ाने के लिए दोपहर में पुष्पवर्षा का आयोजन प्रस्तावित है। श्रीजी मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी राव पुष्पेंद्रसिंह ने बताया कि इस संबंध में कलेक्टर को प्रस्ताव भेजा गया है और अनुमोदन मिलने के बाद विशाल पुष्पवर्षा भक्तों के लिए एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगी। इस विशेष आयोजन से मंदिर प्रांगण में दिव्यता एवं भक्ति का वातावरण और अधिक प्रखर होने की संभावना है।
पार्किंग व्यवस्था और यातायात नियंत्रण की तैयारी
महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्वों पर तीर्थनगरी में पार्किंग सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है, जिसे ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस ने विस्तृत प्लान तैयार किया है। इंदौर से आने वाले बड़े वाहनों को मोरटक्का में ही रोककर आगे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वहां से मैजिक, ई-रिक्शा और मिनी बसों के माध्यम से श्रद्धालुओं को नए बस स्टैंड तक भेजा जाएगा। चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए नया बस स्टैंड मुख्य रोक बिंदु होगा, जहां से भीड़ की स्थिति के अनुसार ट्रैचिंग ग्राउंड पार्किंग और उसके बाद ताम्रकर पार्किंग की ओर वाहनों को भेजा जाएगा। यह व्यवस्था तीर्थ क्षेत्र में भीड़-भाड़ को कम कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेगी।
भक्तों की सुविधा और सुरक्षा पर केंद्रित समग्र तैयारी
पूरे आयोजन को सफल और सुगम बनाने के लिए प्रशासन, मंदिर ट्रस्ट और सुरक्षा एजेंसियों ने आपसी समन्वय के साथ अनेक स्तरों पर तैयारी की है। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, दर्शन मार्ग, आरती समय-सारणी और परिवहन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महाशिवरात्रि जैसे शुभ पर्व पर ओंकारेश्वर में होने वाला यह दिव्य रात्रि जागरण प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम अनुभव बनने जा रहा है।
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