देश के उत्तरी हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से सामान्य हुई ठंड अब फिर तेज़ी से लौटने जा रही है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी राज्यों में सक्रिय मौसम उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंड की तीव्रता को बढ़ा सकता है। हिमालयी क्षेत्रों में हो रही ताज़ी बर्फबारी ठंडी हवाओं को मैदानी हिस्सों की ओर ढकेल रही है, जिससे रात और सुबह के तापमान में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की जा सकती है।
कोहरे की चादर और दृश्यता पर असर की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बहुत घना कोहरा छाया रह सकता है। कई जिलों में दृश्यता बेहद कम होने की संभावना है, जिसे लेकर परिवहन विभाग ने भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। घना कोहरा न केवल सड़क यातायात को प्रभावित करेगा, बल्कि ट्रेन और हवाई सेवाएं भी इससे बाधित हो सकती हैं। लगातार गिरते तापमान और नमी के बढ़ते स्तर से कोहरा आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक हो सकता है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और पर्यटन पर प्रभाव
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हल्की से मध्यम बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है। कुछ उच्च क्षेत्रों में मध्यम से भारी बर्फबारी की संभावना व्यक्त की गई है। यह बर्फबारी जहां एक ओर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनती है, वहीं कई इलाकों में सड़क बंद होने, बिजली आपूर्ति में बाधा और जनजीवन प्रभावित होने की संभावना भी बढ़ जाती है। हिमालयी बेल्ट में बढ़ती ठंड मैदानी राज्यों में और अधिक सर्द हवाओं को जन्म देगी।
पूर्वी भारत में बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव
पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का अनुमान है, जो स्थानीय तापमान को और नीचे ले जा सकती है। बारिश के बाद वातावरण में ठंडक का स्तर और बढ़ेगा। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ उत्तरी जिलों में बादल छाए रहने और ठंडी हवाओं के चलते दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे रह सकता है। मौसम में यह बदलाव कृषि गतिविधियों पर भी प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि गेहूं और सरसों की फसलों के लिए अत्यधिक ठंड और नमी चुनौतियां पैदा करती है।
उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में शीतलहर का खतरा
उत्तराखंड के साथ-साथ हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ इलाकों में भी शीतलहर की स्थिति बन सकती है। न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। मौसम के इस अचानक परिवर्तन के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं, विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि रात और सुबह के समय गर्म कपड़ों का ध्यान रखें और अचानक तापमान गिरने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।
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