Fire in trade fair: ग्वालियर (Gwalior) व्यापार मेला (trade fair) में आज सुबह के वक्त अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि आसमान में काले रंग के गुब्बारे से उढ़ रहे थे। आग लगने से उसकी लपटों ने हैंडलूम की अनेक दुकानों और गोदामों को राख में बदल दिया और फिर कई शोरूम को भी अपनी चपेट में ले लिया। लगातार आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। अभी तक आग से करोड़ो रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। फायर अमले (fire crew) की करीब 20 से ज्यादा गाड़ियों आग पर काबू पाने की प्रयास कर रही है। घटना को लेकर व्यापारियों ने मेला बंद कर दिया है। आरोप है कि फायर अमले के देर से एक्टिव होने पर हादसे ने बड़ा रूप लिया।
सुबह से मौसम खराब
दरअसल, ग्वालियर में आज सुबह से मौसम खराब है और बूंदाबांदी हो रही है। दुकानदार ठंड के चलते अपनी दुकानों में बैठे थे कि अचानक उन्हें छतरी नंबर 5 और 6 की तरफ धुएं का गुबार उठता दिखा। दुकानदारों ने देखा तब तक आग की लपटें आसमान छूने लगीं थी। आग लगने की खबर और नजारा देख मेले में भगदड़ मच गई।
आग लगने की शुरुआत छतरी 5-6 से हुई
दुकानदारों ने पहले खुद आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग बढ़ती ही गई। फिर फायरब्रिगेड की गाड़ियां भी वहां पहुंच गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने की शुरुआत मेले के छतरी 5-6 से हुई। इस जगह में आगे हैंडलूम की दुकान है और उन्हीं के पीछे इनके गोदाम बने हुए है और आग का धुआं वहीं से उठना शुरू हुआ। आज बरसात हो रही है इसलिए पहले लोगों को इसका आभास नहीं हुआ, लेकिन जब आग ने जोर पकड़ लिया और धुएं के गुबार आसमान पर छाने लगे उसके बाद दुकानदार और अन्य लोगों को पता लगा कि आग लग गई है।
प्रशासन और प्राधिकरण ने मेले को कोई सुविधा नहीं दी
मेले में आग लगने से एक दर्जन दुकानें जलकर खाक हो गई हैं। इनमें 7 दुकानें हैंडलूम की है, जबकि 3 स्टेशनरी की हैं। इनके अलावा खानपान और स्टेशनरी की भी कई दुकानों में नुकसान हुआ है। पीड़ित दुकानदारों ने घटना के लिए ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि इस बार सरकार, प्रशासन और प्राधिकरण ने मेले को कोई सुविधा नहीं दी है जिसके चलते व्यापारी हर तरह से परेशान है और लावारिश महसूस कर रहा है। कहीं न कहीं यह घटना भी उसी लापरवाही का परिणाम है, क्योंकि बिजली के तार जगह-जगह खुले पड़े हैं। इनके ही शॉर्ट सर्किट से यह दुखद घटना घटी।
मेला प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया
यह आग लगने से जिन व्यापारियों का नुकसान हुआ है उनके साथ अन्य मेला व्यापारियों ने मेला प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि इतने बड़े मेले में आगजनी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण यह बड़ा हादसा हुआ है। ऐसे में जब तक इसकी जांच के बाद दोषियों पर एक्शन नहीं होगा तबतक मेले में दुकानें बंद रहेंगी। मेले के सुरक्षा प्रभारी का कहना है कि आगजनी में व्यापारियों का काफी नुकसान हुआ है। लापरवाही किसकी रही इसकी जांच की जा रही है।
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