वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते पिछले तीन दिन तक मध्यप्रदेश का मौसम बदला रहा। ग्वालियर, चंबल, सागर संभाग समेत प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी चली और बारिश हुई। बुधवार से सिस्टम का असर कम होगा और रात के टेम्प्रेचर में 1 से 2 डिग्री तक गिरावट देखी जाएगी। इससे गुलाबी ठंड का अहसास होगा। हालांकि, 22-23 अक्टूबर को नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इससे दिन-रात के तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं होगी।
पारे में मामूली गिरावट देखने को मिलेगी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पंजाब के ऊपर एक्टिव होगा। इससे वहां बारिश हो सकती है। इस सिस्टम का असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिलेगा। यहां बारिश तो नहीं होगी, लेकिन ठंड भी नहीं बढ़ेगी। पारे में मामूली गिरावट ही देखने को मिलेगी। अक्टूबर के आखिरी दिनों तक ठंड का ज्यादा असर नहीं रहेगा। नवंबर के पहले सप्ताह से ही रात का टेम्प्रेचर लुढ़केगा और ठंड बढ़ जाएगी।
मौसम में बदलाव देखने को मिला
बता दें कि, मंगलवार को मौसम में बदलाव देखने को मिला। नर्मदापुरम, नौगांव और मंडला में पानी गिरा। नर्मदापुरम में दिन में करीब आधा इंच पानी गिर गया। भोपाल में बादल छाए रहे। वहीं, शाजापुर, आगर, पचमढ़ी, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, सीहोर में भी धूप-छांव रही। कई शहरों में दिन का तापमान भी लुढ़क गया। भोपाल में 32.8 डिग्री, इंदौर में 33 डिग्री, जबलपुर में तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्वालियर में पारा 29 डिग्री पहुंच गया। यहां एक ही दिन में 6.8 डिग्री पारा लुढ़क गया। सीधी में सबसे ज्यादा तापमान 35.4 डिग्री रहा।
गर्मी-गुलाबी ठंड का असर रहा
अक्टूबर में तीनों मौसम का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही हुआ। भोपाल, ग्वालियर, दमोह, जबलपुर, उज्जैन समेत कई शहरों अक्टूबर में ऐसी गर्मी पड़ी कि जैसे मार्च-अप्रैल का महीना हो। कई जिलों में पारा 37 डिग्री से ज्यादा ही रहा। अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में गुलाबी ठंड का असर भी रहा। हालांकि, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव नहीं होने, राजस्थान से सूखी हवा के आने और धूप की तीव्रता 20% तक बढ़ने से गुलाबी ठंड का असर कम हो गया। पिछले दो दिन से बारिश और बादल छाए रहे हैं। मंगलवार को भी बारिश होने का अनुमान है। इस तरह अक्टूबर में बारिश का ट्रेंड भी बरकरार है।
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