त्याग पत्र स्वीकार किए जाने के मामले में राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी निशा बांगरे को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। उन्होंने विशेष याचिका दायर कर अनुरोध किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि चूंकि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए वह वहां आज या कल में प्रकरण की तात्कालिकता को बताते हुए शीघ्र सुनवाई का आग्रह करें।
इस पर हाईकोर्ट द्वारा विधिवत विचार किया जाएगा। निशा बांगरे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता ने उनके ऊपर लगाए आरोप स्वीकार कर लिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है
लेकिन आदेश पारित होने में देरी हो रही है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में प्रकरण की तात्कालिकता को बताते हुए आवेदन करने के लिए कहा, साथ ही कहा कि हमें आशा और विश्वास है कि आदेश होंगे। उल्लेखनीय है कि निशा विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती हैं।Read More: मप्र के साढ़े सात लाख कर्मचारियों को मिल सकता है महंगाई भत्ते का लाभ, केंद्र ने बढ़ाया है 4 फीसदी
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