मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में परिवारवाद को भी मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। मगर बुंदेलखंड में एक ही परिवार के तीन सदस्यों को चुनावी मैदान में उतार दिया गया है। यहां मां और बेटी को जहां समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है, वहीं इसी परिवार के एक सदस्य को कांग्रेस ने मैदान में उतारा है।
बुंदेलखंड में दिखी परिवारवाद की झलक
वहीं बीजेपी अभी तक 136 उम्मीदवारों के नाम तय कर चुकी है। जबकि कांग्रेस 144 उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगा चुकी है। इसके अलावा सपा, बसपा भी उम्मीदवारों के नाम का फैसला कर रही है। इस बीच परिवारवाद की झलक बुंदेलखंड में देखने को मिली है। जहां एक ही परिवार से नाता रखने वाले तीन सदस्य चुनाव मैदान में है। सपा की ओर से घोषित किए गए नामों में मां-बेटी का नाम है। झांसी के गरौठा से पूर्व विधायक दीप नारायण यादव की पत्नी मीरा यादव को निवाड़ी से सपा ने उम्मीदवार बनाया है। तो उनकी बेटी शिवांगी को पृथ्वीपुर से पार्टी ने मैदान में उतारा है।कांग्रेस में भी हैं परिवारवाद के उदाहरण
इसके अलावा इसी परिवार से नाता रखने वाले और गरौठा निवासी चरण सिंह यादव को कांग्रेस ने बिजावर से उम्मीदवार बनाया है। ऐसा नहीं है कि, मध्य प्रदेश में एक परिवार से तीन या चार सदस्य राजनीति के साथ निर्वाचित जनप्रतिनिधि न हो। कांग्रेस पर हम गौर करें, तो दिग्विजय सिंह राज्यसभा में है, उनके पुत्र जयवर्धन सिंह विधायक हैं, भाई लक्ष्मण सिंह विधायक हैं और रिश्तेदार प्रियव्रत सिंह भी विधायक हैं। इसके अलावा कमलनाथ विधायक हैं और उनके पुत्र नकुल नाथ सांसद हैं। लेकिन यह पहला ऐसा मौका है कि दूसरे राज्यों से नाता रखने वाले एक परिवार के तीन सदस्य मध्य प्रदेश और खासकर बुंदेलखंड में ताल ठोकते नजर आ रहे हैं।Read More: 22 अक्टूबर को रीवा पहुंचेंगे गृहमंत्री Amit Shah, विंध्य क्षेत्र को लेकर होगी चर्चा
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