रायपुर। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश बढ़ाने और नए उद्योगों को आकर्षित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार कल हैदराबाद में ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट’ आयोजित करने जा रही है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन शामिल होंगे। कार्यक्रम में देश के कई बड़े उद्योगपति, कारोबारी समूह और निवेशक हिस्सा लेंगे।
नई उद्योग नीति को निवेशकों के सामने किया जाएगा प्रस्तुत
इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ सरकार अपनी नई उद्योग नीति की विशेषताओं और निवेशकों को मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी देगी। सरकार का फोकस प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल, सिंगल विंडो सिस्टम, तेज अनुमति प्रक्रिया और रोजगार सृजन पर रहेगा।
सरकार का दावा है कि नई उद्योग नीति में MSME, ग्रीन एनर्जी, आईटी, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग, स्टील और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके जरिए राज्य में घरेलू और बाहरी निवेश को बढ़ावा देने की रणनीति बनाई गई है।
उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को दिया जाएगा आमंत्रण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित करेंगे। सरकार राज्य को “उद्योग और रोजगार का नया केंद्र” बनाने की दिशा में लगातार निवेशक सम्मेलन आयोजित कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति, खनिज संसाधन, बिजली उपलब्धता और बेहतर कनेक्टिविटी राज्य को औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल बनाते हैं। यही वजह है कि राज्य सरकार देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में जाकर निवेशकों से संवाद कर रही है।
अब तक मिले 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव
राज्य सरकार के अनुसार अब तक विभिन्न निवेशक सम्मेलनों और रोड शो के जरिए छत्तीसगढ़ को करीब 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें ऊर्जा, स्टील, सीमेंट, एग्री-बेस्ड इंडस्ट्री, आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
रोजगार और अर्थव्यवस्था पर रहेगा फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित निवेश परियोजनाएं जमीन पर उतरती हैं तो इससे छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। सरकार आने वाले समय में मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे शहरों में भी निवेशक सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी में है।