मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने मतदाता सूची से नाम हटाने के मामलों को लेकर चुनाव आयोग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व सीएम कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा SIR के नाम पर फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मध्य प्रदेश में ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं जहाँ लोगों ने दूसरों के नाम से फ़ॉर्म 7 भरके मतदाता सूची में मौजूद नाम काटने के लिए आवेदन किया है।
9 हज़ार से अधिक मामले सामने आए
अकेले भोपाल में ही इस तरह के 9 हज़ार से अधिक मामले सामने आए हैं। फ़ॉर्म 7 के ज़रिए इस तरह से नाम कटने के फ़र्ज़ी आवेदन देश के मतदाता के अधिकार को छीनने का एक सुनियोजित षड्यंत्र है।जब चुनाव आयोग द्वारा तैनात बीएलओ घर घर जाकर मतदाता की जांच कर रहे हैं तो उन्हीं को सुनिश्चित करना चाहिए कि कौन वहाँ रह रहा है या नहीं। ग़ैर सरकारी व्यक्तियों को किसी का भी नाम कटवाने का आवेदन देकर चुनाव आयोग ने वैध मतदाता के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।वोट चोरी के षड्यंत्र को हर हाल में ख़त्म करने की ज़रूरत है।
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