महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ के तहत सूरजपुर जिले के भैयाथान मंडल के दनौली खुर्द, खाड़ापारा, बस्कर और कुर्रीडीह में जनसंपर्क किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं।
चौपाल में महिलाओं और बुजुर्गों ने रखीं समस्याएं
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभिन्न गांवों में आयोजित चौपालों में ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों से चर्चा की। लोगों ने अपनी रोजमर्रा की समस्याओं के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगें मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
सड़क, पानी, बिजली और राशन से जुड़ी मांगें
ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली, राशन, पेंशन, महतारी वंदन योजना और आवास निर्माण सहित विभिन्न विषयों से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं। मंत्री ने ग्रामीणों से प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज करने और निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कई मामलों में मौके पर ही समाधान की पहल
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कई प्रकरणों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए तत्काल समाधान की पहल की, ताकि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना लक्ष्य
चौपाल को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करना और पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना है। ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ के माध्यम से ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है, जिससे किसी भी नागरिक को अपनी जायज मांग या समस्या के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए और योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद
अभियान के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंच-सरपंच, पार्टी पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने मंत्री के गांवों तक पहुंचकर सीधे संवाद करने और समस्याओं को सुनने की पहल को महत्वपूर्ण बताया।