रायपुर। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की सबसे चर्चित योजनाओं में शामिल महतारी वंदन योजना अब सिर्फ महिलाओं को आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं रह गई है। अंबिकापुर में शराब दुकान के विरोध के दौरान एक कथित बयान ने इस योजना को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। महिलाओं के विरोध प्रदर्शन के बीच शराब बिक्री और महतारी वंदन योजना के फंडिंग कनेक्शन को लेकर सियासत तेज हो गई है।
शराब दुकान बंद कराने पहुंचीं महिलाएं
अंबिकापुर में बड़ी संख्या में महिलाएं शराब दुकानों के विरोध में कलेक्टर से मिलने पहुंचीं। महिलाओं का आरोप था कि मोहल्लों में लगातार शराब दुकानें बढ़ रही हैं, जिससे सामाजिक माहौल खराब हो रहा है और परिवार प्रभावित हो रहे हैं। महिलाओं ने शराब दुकानें बंद कराने की मांग प्रशासन के सामने रखी।
कथित बयान से गरमाई राजनीति
महिलाओं के मुताबिक बातचीत के दौरान कथित तौर पर यह कहा गया कि अगर शराब दुकानें बंद हो जाएंगी तो महतारी वंदन योजना के लिए पैसा कहां से आएगा। इसी बयान के बाद मामला राजनीतिक रंग लेता चला गया। विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का बड़ा मुद्दा मिल गया।
कांग्रेस का हमला, महिलाओं के सम्मान पर सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान के नाम पर शराब कारोबार को बढ़ावा दे रही है। कांग्रेस का आरोप है कि घर-घर शराब पहुंचाकर महतारी वंदन योजना का पैसा जुटाया जा रहा है। कांग्रेस ने इसे महिलाओं के सम्मान के साथ समझौता बताया है।
भाजपा का पलटवार, कांग्रेस पर शराब घोटाले का आरोप
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को शराब के मुद्दे पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में शराब घोटाले हुए और घर-घर शराब पहुंची। भाजपा का कहना है कि उनकी सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता दे रही है, लेकिन कांग्रेस को यह रास नहीं आ रहा।
शराब दुकान से शुरू हुई बहस अब राजनीतिक मुद्दा
शराब दुकान बंद कराने की मांग से शुरू हुआ यह मामला अब पूरी तरह राजनीतिक बहस में बदल चुका है। महतारी वंदन योजना, शराब बिक्री और महिलाओं के मुद्दे को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और ज्यादा राजनीतिक तूल पकड़ सकता है।