छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के प्रश्नकाल में महतारी वंदन योजना को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने योजना के तहत पहली किस्त से वंचित हितग्राहियों, ई-केवाईसी, अपात्र लाभार्थियों और पोर्टल बंद होने के मुद्दे पर सरकार को घेरा। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
पहली किस्त नहीं मिलने पर विधायक उमेश पटेल ने उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा कि 1 लाख 55 हजार 655 हितग्राहियों को अब तक महतारी वंदन योजना की पहली किस्त नहीं मिल पाई है। उन्होंने सरकार से पूछा कि इनमें से बड़ी संख्या आखिर किन लोगों की है और लाभ क्यों नहीं मिल पाया।
मंत्री बोलीं- ई-केवाईसी और अपात्रता है मुख्य कारण
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि जिन 1,55,655 हितग्राहियों का उल्लेख किया जा रहा है, उनमें कुछ लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई है, जबकि कुछ अपात्र पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे ई-केवाईसी पूरी होगी, पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
ई-केवाईसी की अंतिम तारीख 30 जुलाई
उमेश पटेल ने ई-केवाईसी की अंतिम तिथि पूछी, जिस पर मंत्री ने बताया कि 30 जुलाई तक ई-केवाईसी पूरी करने का समय दिया गया है। मंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान में करीब 0.25 प्रतिशत लाभार्थियों की पहली किस्त केवल ई-केवाईसी के कारण रुकी हुई है और यह प्रतिशत लगातार घट रहा है।
आंकड़ों के विरोधाभास पर सदन में तीखी बहस
विधायक उमेश पटेल ने सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मई के आंकड़ों के अनुसार केवल 17 हजार लोगों की ई-केवाईसी लंबित थी, तो फिर 1 लाख से अधिक हितग्राहियों का आंकड़ा कैसे सामने आया। उन्होंने कहा कि सरकार के बताए गए प्रतिशत और वास्तविक संख्या में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
मंत्री ने कहा- मृत हितग्राहियों की संख्या भी शामिल
सरकार की ओर से मंत्री ने जवाब दिया कि 1 लाख से अधिक ऐसे हितग्राही हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, इसलिए उनका नाम सक्रिय लाभार्थियों की सूची में नहीं माना जा सकता। इस जवाब पर विपक्ष ने सवाल उठाए और कहा कि दो वर्षों में इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं की मृत्यु का दावा गंभीर है।
अपात्र हितग्राहियों की संख्या बढ़ने पर भी उठे सवाल
उमेश पटेल ने यह भी पूछा कि पहली किस्त मिलने के बाद 27,050 महिलाएं अचानक अपात्र कैसे हो गईं। मंत्री ने जवाब दिया कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे मामलों की है, जहां एक ही व्यक्ति द्वारा दो या उससे अधिक आवेदन किए गए थे। जांच के बाद ऐसे मामलों को अपात्र श्रेणी में रखा गया।
पोर्टल खोलने और नवविवाहित महिलाओं को जोड़ने की मांग
विधायक ने पूछा कि महतारी वंदन योजना का पोर्टल कब खोला जाएगा और नवविवाहित महिलाओं के नाम योजना में कब जोड़े जाएंगे। इस पर मंत्री ने कहा कि "विष्णुदेव साय जी की सरकार है, चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। समय आने पर पोर्टल भी खुलेगा और प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।"
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में जोरदार विरोध किया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाजी हुई। इसके बाद विपक्ष ने प्रश्नकाल के दौरान सदन से वॉकआउट कर दिया।