मैहर जिले के बेदुराकला गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली पर्वतारोही अंजना सिंह ने एक बार फिर प्रदेश और देश को गौरवान्वित किया है। उनके साहसिक अभियानों और समाजोपयोगी कार्यों को देखते हुए भोपाल में उन्हें विशेष सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके खेल कौशल के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति उनकी सोच को भी दर्शाता है।
भोपाल में हुआ सम्मान, डीजीपी ने किया अलंकृत
भोपाल में आयोजित सम्मान समारोह में मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने अंजना सिंह को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान उनके द्वारा किए गए कठिन पर्वतारोहण अभियानों और उनसे जुड़े सामाजिक संदेशों के लिए दिया गया, जिसने उन्हें एक खिलाड़ी से आगे बढ़कर सामाजिक प्रेरणा बना दिया है।
साहसिक अभियानों के साथ समाज को दिया संदेश
अंजना सिंह ने देश और विदेश की कई दुर्गम पर्वत चोटियों को सफलतापूर्वक फतह किया है। हर अभियान के साथ उन्होंने समाज को सकारात्मक संदेश देने का संकल्प लिया। विशेष रूप से नशा मुक्ति को लेकर उनका अभियान चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने पर्वत शिखरों से “नशे से दूरी है ज़रूरी” जैसे संदेश देकर युवाओं को जागरूक किया।
नशा मुक्ति की अलख बनी युवा आंदोलन
अंजना का यह प्रयास केवल एक नारा नहीं, बल्कि युवाओं के बीच एक सोच बन गया है। ऊंची पर्वत चोटियों से दिया गया उनका संदेश यह बताता है कि जीवन में ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए नशे से दूर रहना जरूरी है। उनके अभियानों ने कई युवाओं को खेल, फिटनेस और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया है।
डीजीपी कैलाश मकवाणा ने की खुलकर सराहना
सम्मान समारोह के दौरान डीजीपी कैलाश मकवाणा ने अंजना सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि साहसिक खेलों के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देना आसान नहीं होता, लेकिन अंजना ने यह कर दिखाया है। उनका कार्य यह सिद्ध करता है कि खेल और सामाजिक जागरूकता एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं।
समारोह में मौजूद रहे गणमान्य नागरिक
इस अवसर पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने अंजना सिंह के साहस, समर्पण और सामाजिक चेतना की प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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