भोपाल।मध्यप्रदेश कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त 71 जिलाध्यक्षों की अगले हफ्ते अग्निपरीक्षा होने जा रही है। 15 से 18 अप्रैल तक उनके कामकाज की समीक्षा की जाएगी। कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलाध्यक्षों पर कार्रवाई, यहां तक कि हटाने तक का फैसला भी लिया जा सकता है।
15 से 18 अप्रैल तक संभागवार रिव्यू
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी चार दिनों तक संभागवार समीक्षा करेंगे। पीसीसी में जिलाध्यक्षों को बुलाकर संगठन निर्माण, कामकाज, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी। इसमें यह देखा जाएगा कि जिलाध्यक्षों ने अब तक संगठन को मजबूत करने के लिए क्या काम किया है।
दिल्ली से मॉनिटरिंग के लिए वामसी रेड्डी आएंगे
समीक्षा प्रक्रिया को और सख्त बनाने के लिए दिल्ली से वामसी रेड्डी भी भोपाल पहुंचेंगे। वे पूरे रिव्यू सिस्टम की मॉनिटरिंग करेंगे। पार्टी के मुताबिक, इससे पहले भी दो बार समीक्षा हो चुकी है, लेकिन इस बार का आकलन निर्णायक माना जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व साफ कर चुका है कि जिन जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर पद से हटाने का फैसला भी लिया जा सकता है।
16 अप्रैल को शिवराज के घर के सामने धरना
16 अप्रैल को कांग्रेस, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास के सामने प्रदर्शन करेगी। यह धरना जीतू पटवारी के नेतृत्व में होगा, जिसमें किसानों के मुद्दे खासतौर पर गेहूं खरीदी में देरी और वादाखिलाफी के मुद्दे उठाए जाएंगे।
17 अप्रैल को ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन
17 अप्रैल को नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें उनकी जिम्मेदारियां तय करने के साथ संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा होगी। साथ ही जिलाध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों का प्रशिक्षण भी होगा।
21 हजार पंचायत कमेटियां तैयार
पार्टी के अनुसार, संगठनात्मक ढांचा तेजी से तैयार हो रहा है। 23 हजार में से 21 हजार पंचायत कमेटियों का गठन पूरा हो चुका है। अब फोकस इन्हें सक्रिय करने और ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रमों को गति देने पर है। कांग्रेस के लिए आने वाला सप्ताह संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन पर होने वाली यह समीक्षा तय करेगी कि पार्टी आगे किस रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी।