भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब अपर मुख्य सचिव (ACS) की तर्ज पर डीजी, स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के अधिकारियों को संभागीय प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये अधिकारी जोन स्तर पर पदस्थ आईजी के ऊपर रहकर संभाग की कानून-व्यवस्था की मॉनिटरिंग करेंगे।
यूसीसी लागू करने की तैयारी से जुड़ा फैसला
यह व्यवस्था डॉ. मोहन यादव सरकार के यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने के फैसले के बाद लागू की गई है। माना जा रहा है कि यूसीसी को लेकर संभावित विरोध और संवेदनशील स्थिति को देखते हुए सरकार ने सुपरविजन और मॉनिटरिंग को और मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है।
इन अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी
वरुण कपूर (डीजी जेल) - भोपाल संभाग
आदर्श कटियार (स्पेशल डीजी जेल) - इंदौर संभाग
उपेंद्र कुमार जैन (डीजी ईओडब्ल्यू) - उज्जैन संभाग
प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव (डीजी होमगार्ड्स) - ग्वालियर संभाग
पंकज कुमार श्रीवास्तव (स्पेशल डीजी सीआईडी और इंटलिजेंस) - जबलपुर संभाग
अनिल कुमार (स्पेशल डीजी महिला सुरक्षा) - रीवा संभाग
जी.अखेतो सेमा (स्पेशल डीजी जेल) -चंबल संभाग
रवि कुमार गुप्ता (स्पेशल डीजी रेल)- नर्मदापुरम संभाग
अनंत कुमार सिंह (स्पेशल डीजी एमपी पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन)- सागर संभाग
राजाबाबू सिंह (एडीजी ट्रेनिंग) - शहडोल संभाग
पहले से तैनात अधिकारियों के साथ समन्वय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि संबंधित संभागों में पहले से तैनात आईजी और अन्य अधिकारी अपना काम जारी रखेंगे। नए नियुक्त प्रभारी अधिकारी उनके साथ समन्वय बनाकर निगरानी और समीक्षा करेंगे। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना, प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना और बड़े फैसलों के क्रियान्वयन के दौरान किसी भी स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटना है।
सभी संभागों में बढ़ाई गई निगरानी
राज्य के सभी संभागों में इस नई व्यवस्था के तहत वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है। इनका मुख्य काम कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखना, संवेदनशील मामलों की समीक्षा करना और आवश्यक दिशा-निर्देश देना होगा। यूसीसी जैसे बड़े फैसले से पहले प्रशासनिक स्तर पर यह बदलाव सरकार की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। इससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था की निगरानी और नियंत्रण को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।