राजधानी रायपुर पुलिस ने अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 3 किलोग्राम गांजा, 2,000 प्रतिबंधित नाइट्रोटेन टैबलेट, 30 बोतल कोडिन सिरप, 290 पेंटाजोसीन इंजेक्शन, 300 सिरिंज और नकदी बरामद की गई है। जब्त मादक पदार्थ और अन्य सामग्री की कुल कीमत करीब 10 लाख 70 हजार रुपये आंकी गई है।
अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार, 16 लाख से अधिक की जब्ती
इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान अब तक 16 लाख 15 हजार रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ और अन्य सामान जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
10 किलो गांजा के साथ हुई थी पहली गिरफ्तारी
मामले की शुरुआत गंज थाना क्षेत्र से हुई, जहां पुलिस ने 10 किलोग्राम गांजा के साथ मेरठ निवासी अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि गांजा ओडिशा से लाकर उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था। इस जानकारी के आधार पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और गंज थाना पुलिस ने गिरोह के बैकवर्ड लिंक की जांच शुरू की।
सूचना के आधार पर दबिश, चार और आरोपी दबोचे
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गिरोह के अन्य सदस्य रायपुर आने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर ओडिशा निवासी किशोर साहू, महासमुंद निवासी अजय विश्वकर्मा, शुभम साहू उर्फ बऊ और मेरठ निवासी प्रिंस प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया।
बैग से मिला गांजा, प्रतिबंधित दवाइयां और इंजेक्शन
तलाशी के दौरान आरोपियों के बैग से 3 किलोग्राम गांजा, 2,000 प्रतिबंधित नाइट्रोटेन टैबलेट, 30 बोतल कोडिन सिरप, 290 पेंटाजोसीन इंजेक्शन, 300 सिरिंज और नकदी बरामद की गई। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है और मामले में आगे की जांच जारी है।