छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी फूल बासन बाई यादव के अपहरण की साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया। चार आरोपियों ने उनके हाथ-पैर और मुंह बांधकर कार में ले जाने की कोशिश की, लेकिन समय रहते पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
किडनैप करने पहुंचे थे 4 आरोपी
फूल बासन बाई को अगवा करने के लिए कुल 4 लोग पहुंचे थे, जिनमें 2 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल थे। आरोपियों ने उन्हें जबरन कार में बैठाकर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी योजना सफल नहीं हो सकी। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।
सुबह 10 बजे हुई घटना
यह घटना सुबह करीब 10 बजे की है। जानकारी के मुताबिक, बेमेतरा जिले की रहने वाली खुशबू साहू एक महिला और दो अन्य लोगों के साथ फूल बासन बाई के घर बातचीत के लिए पहुंची थी। कुछ देर बाद वे उन्हें अपने साथ नीचे लाए और कार में बैठा लिया। जैसे ही वह कार में बैठीं, दरवाजा बंद कर गाड़ी आगे बढ़ा दी गई।
चेकिंग के दौरान पुलिस को हुआ शक
आरोपियों ने शोर न मचाने के लिए फूल बासन बाई का मुंह और हाथ बांध दिए थे। जब कार खैरागढ़ के चिखली पुलिस चौकी के पास पहुंची, उस समय पुलिस की टीम रूटीन चेकिंग कर रही थी। कार के अंदर उनकी संदिग्ध हालत देखकर पुलिस को शक हुआ।
आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि महिला को मिर्गी का दौरा पड़ा है और वे उन्हें अस्पताल ले जा रहे हैं। हालांकि, एक पुलिसकर्मी ने फूल बासन बाई को पहचान लिया। इसके बाद सख्ती से पूछताछ करने पर पूरी साजिश का खुलासा हो गया। पुलिस ने दो महिलाओं और दो पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया है।
फिलहाल सुकुल दैहान पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि उन्होंने किस उद्देश्य से इस घटना को अंजाम देने की योजना बनाई थी। वहीं, फूल बासन बाई यादव को सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया गया है।