एमपी में भोपाल जीआइएस से फुर्सत हुई सरकार का फोकस अब प्रदेश के दौरे पर आ रहे वित्त आयोग पर हो गया है। वित्त आयोग का यह दल 4 मार्च को भोपाल आया है। सरकार को इस आयोग से बड़ी उम्मीदें हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि आयोग की अनुशंसा राज्य के लिए अधिक महत्वपूर्ण होंगी। प्रयास यही है कि राज्य को विशेष आर्थिक पैकेज मिल जाए। आर्थिक मदद मिलने से राज्य की आर्थिक सेहत में सुधार हो सकेगा।
16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगिढया के नेतृत्व में पांच सदस्यीय दल भोपाल के अलावा राज्य की अन्य जगहों के भी दौरे करेगा। चार दिवसीय प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री, राज्य के वित्त मंत्री, वित्त विभाग के अफसरों सहित अन्य आला अफसरों के साथ वित्त आयोग की बैठक होगी।
प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत आयोग चार मार्च को भोपाल आएगा। बैठकों कादौर पांच मार्च से शुरू होगा। कैग अधिकारियों के साथ पहली बैठक होगी।राजनीतिक दलों के साथ भी बैठक होगी। 6 मार्च को स्थानीय कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में बैठक होगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री एवं राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा सहित विभिन्न विभागों के मंत्री, आला अफसर शामिल होंगे।
पांच वर्ष के लिए होगी आयोग की अनुशंसा
वित्त आयोग के दौरे का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण, अनुदान सहायता (ग्रांट्स-इन-ऐड) के निर्धारण और राज्यों के बीच संसाधनों के उचित आवंटन से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श करना है। वित्त आयोग की अनुशंसा एक अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 तक पांच वर्ष के लिए होगी।
यह भी देखेगा दल
वित्त आयोग मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा भी करेगा और राज्य में चल रही वित्तीय योजनाओं, विकास कार्यों और नीतियों के प्रभाव का प्रत्यक्ष आंकलन करेगा। राज्य में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, स्थानीय निकायों, पंचायत एवं नगरीय निकायों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे।
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