शारदीय नवरात्रि में गरबा पंडाल में फिल्मी गानों की फूहड़ता, छोटे कपड़े और टैटू पर पूर्व मंत्री उषा ठाकुर भड़की है। गरबा करने वाली बेटियों के मां-बाप को नसीहत दी है- बेटियों को सजा धजाकर चौराहों पर नचाना हिंदू समाज बंद करें। व्यावसायिक मानसिकता ने नवरात्रि के पावन पर्व को विद्रूप किया उसका स्वरूप बदला जाना नितांत आवश्यक हैं।
शक्ति की साधक और उपासक बने
बेटियों के अभिभावकों से आग्रह है नवरात्रि में बेटियां गहने वेशभूषा और टैटू तक ही सीमित न रह जाए शक्ति की साधक और उपासक बने इसका ख्याल भी रखें। सनातनी भाई बहनों से एक प्रार्थना है जब भी कोई सिद्ध शक्तियां समाज की भलाई के लिए संदेश से उसका पालन करना उतना ही जरूरी है।
Comments (0)