‘शक्तिमान’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अभिनेता मुकेश खन्ना एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने सीधे तौर पर रणबीर कपूर को ‘शक्तिमान’ के लिए रिजेक्ट नहीं किया है, बल्कि उनका मुख्य विरोध रणवीर सिंह की संभावित कास्टिंग को लेकर सामने आया है। इस पूरे विवाद में भ्रम तब बढ़ा जब उन्होंने अलग-अलग इंटरव्यू में दोनों सितारों की भूमिकाओं और छवि पर टिप्पणी की।
रणवीर सिंह को ‘शक्तिमान’ क्यों नहीं मानते मुकेश खन्ना
मुकेश खन्ना ने रणवीर सिंह को एक टैलेंटेड अभिनेता बताते हुए उनकी फिल्मों की सराहना भी की है, लेकिन ‘शक्तिमान’ के किरदार के लिए उन्हें उपयुक्त नहीं माना। उनके अनुसार ‘शक्तिमान’ एक शुद्ध और सकारात्मक सोच वाला सुपरहीरो है, जिसकी छवि बेहद पवित्र होनी चाहिए। खन्ना ने कहा कि रणवीर सिंह के चेहरे और आंखों में एक “शरारती” या “चालाक” भाव दिखाई देता है, जो इस किरदार की मूल भावना से मेल नहीं खाता। उन्होंने यहां तक सुझाव दिया कि रणवीर सिंह इस फ्रेंचाइज़ी में खलनायक ‘किलविष’ के रोल में अधिक फिट बैठ सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ स्टारडम नहीं, बल्कि कलाकार की सार्वजनिक छवि भी इस तरह के किरदार के चयन में अहम भूमिका निभाती है।
रणबीर कपूर पर भी आई टिप्पणी, ‘रामायण’ को लेकर जताई चिंता
हालांकि रणबीर कपूर को लेकर मुकेश खन्ना ने ‘शक्तिमान’ पर कोई सीधा बयान नहीं दिया है, लेकिन उन्होंने आगामी फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम के किरदार को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि फिल्म ‘एनिमल’ में रणबीर कपूर के इंटेंस और डार्क रोल का प्रभाव दर्शकों की मानसिक छवि पर पड़ सकता है, जबकि भगवान राम “मर्यादा पुरुषोत्तम” के रूप में आदर्श चरित्र हैं। उनके अनुसार ऐसे दिव्य किरदार निभाने वाले कलाकारों की स्क्रीन इमेज भी उस पवित्रता के अनुरूप होनी चाहिए।
विवाद के बीच स्पष्ट संदेश
मुकेश खन्ना का पूरा रुख इस बात पर केंद्रित है कि ‘शक्तिमान’ और धार्मिक या पौराणिक किरदारों की कास्टिंग केवल लोकप्रियता के आधार पर नहीं होनी चाहिए, बल्कि कलाकार की छवि और चरित्र की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए चयन किया जाना चाहिए। उनके इन बयानों ने एक बार फिर फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में ‘कास्टिंग बनाम इमेज’ की बहस को तेज कर दिया है।