मुंबई - साउथ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद से बॉक्स ऑफिस पर लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म ने पहले दिन 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की शानदार शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद कमाई में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। शनिवार को रिलीज के चौथे दिन भी फिल्म की कमाई में कमी दर्ज की गई।

चौथे दिन 24.50 करोड़ का कारोबार
ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, ‘टॉक्सिक’ ने चौथे दिन भारत में करीब 24.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इस दिन फिल्म के 17,612 शो हुए और इसकी औसत थिएटर ऑक्यूपेंसी करीब 24.3 प्रतिशत रही। पहले दिन फिल्म ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया था। ऐसे में चौथे दिन का आंकड़ा शुरुआती कमाई की तुलना में काफी नीचे है। हालांकि, चार दिनों में फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर मजबूत आंकड़ा हासिल कर लिया है।

हिंदी वर्जन ने किया सबसे ज्यादा बिजनेस
फिल्म के अलग-अलग भाषाई वर्जन की बात करें तो हिंदी में ‘टॉक्सिक’ का प्रदर्शन मजबूत रहा। हिंदी वर्जन ने करीब 23 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी के साथ 15.50 करोड़ रुपये का कारोबार किया। कन्नड़ वर्जन ने लगभग 47 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी दर्ज करते हुए 6.60 करोड़ रुपये कमाए। वहीं तेलुगु वर्जन से करीब 1.50 करोड़ रुपये, तमिल से 75 लाख रुपये और मलयालम वर्जन से लगभग 15 लाख रुपये की कमाई हुई।

चार दिनों में 190 करोड़ के पार घरेलू कलेक्शन
चौथे दिन की कमाई जुड़ने के बाद ‘टॉक्सिक’ का भारत में कुल नेट कलेक्शन करीब 190.45 करोड़ रुपये पहुंच गया है। वहीं फिल्म का घरेलू ग्रॉस कलेक्शन लगभग 227.50 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। फिल्म की शुरुआती ओपनिंग को देखते हुए यह आंकड़ा काफी बड़ा है, लेकिन लगातार गिरती दैनिक कमाई अब मेकर्स के लिए चिंता का विषय बन सकती है।

वर्ल्डवाइड 250 करोड़ का आंकड़ा पार
भारत के अलावा विदेशों में भी फिल्म को दर्शक मिल रहे हैं। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार ‘टॉक्सिक’ ने दुनियाभर में अब तक करीब 254.75 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। फिल्म को रिलीज के पहले दिन किसी बड़ी फिल्म से सीधी टक्कर नहीं मिली थी। इसके बावजूद दूसरे दिन से कमाई में गिरावट का सिलसिला जारी है। अब आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘टॉक्सिक’ अपनी रफ्तार दोबारा पकड़ पाती है या नहीं और बॉक्स ऑफिस पर इसका अंतिम आंकड़ा कहां तक पहुंचता है।
