कुछ समय पहले तक फैटी लिवर को बढ़ती उम्र या शराब सेवन से जुड़ी समस्या माना जाता था, लेकिन अब यह तेजी से युवाओं, खासकर 20-25 साल की उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रहा है। बदलती लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतें इसके पीछे बड़ी वजह बन रही हैं।
युवाओं में फैटी लिवर क्यों बढ़ रहा है?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारी दिनचर्या पूरी तरह बदल चुकी है, जिसका सीधा असर लिवर हेल्थ पर पड़ रहा है-
जंक फूड और शुगर का ज्यादा सेवन - पिज्जा, बर्गर और कोल्ड ड्रिंक्स में मौजूद अनहेल्दी फैट और फ्रुक्टोज लिवर में जमा होकर सूजन बढ़ाते हैं।
शारीरिक गतिविधि की कमी- लंबे समय तक बैठकर काम करना और एक्सरसाइज न करना मेटाबॉलिज्म को धीमा करता है, जिससे फैट जमा होने लगता है।
मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस - पेट के आसपास बढ़ती चर्बी सीधे तौर पर फैटी लिवर के खतरे को बढ़ाती है।
नींद की कमी और तनाव - देर रात तक जागना और बढ़ा हुआ तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) लिवर पर नकारात्मक असर डालता है।
इन 5 लक्षणों से करें पहचान
शुरुआत में इसके संकेत हल्के होते हैं, लेकिन नजरअंदाज करने पर यह लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकता है—
लगातार थकान महसूस होना
पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द या भारीपन
पेट फूलना या बाहर निकलना
पाचन संबंधी दिक्कतें (भूख न लगना, एसिडिटी, मतली)
त्वचा और आंखों में पीलापन (गंभीर स्थिति में)
बचाव के लिए क्या करें?
डाइट सुधारें - चीनी और मैदा कम करें, फाइबर से भरपूर भोजन लें जैसे हरी सब्जियां और साबुत अनाज।
रोजाना एक्सरसाइज करें - कम से कम 30 मिनट की ब्रिस्क वॉक या कोई फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें।
वजन कंट्रोल में रखें - शरीर के वजन का 5-7% कम करना भी काफी फायदेमंद हो सकता है।
शराब से दूरी बनाएं - यह लिवर की स्थिति को और बिगाड़ सकती है।
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