लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी मोहर्रम और NEET परीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मोहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन, नई परंपरा की शुरुआत और कानफोड़ू डीजे या ढोल-ताशों का अनियंत्रित प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुसार 10 से 12 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। कानून-व्यवस्था भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शांति व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे मोहर्रम से पहले संवाद स्थापित करें और सुनिश्चित करें कि किसी भी जिले में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखने और तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
NEET छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 21 जून को आयोजित NEET परीक्षा में शामिल होने वाले लगभग साढ़े तीन लाख अभ्यर्थियों को यूपी रोडवेज बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर 50 प्रतिशत किराया छूट दी जाएगी। साथ ही दूरदराज से परीक्षा देने आने वाले छात्रों के लिए अस्थायी ठहरने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
परीक्षा की शुचिता पर सख्त निगरानी
सीएम ने एनटीए के दिशानिर्देशों के अनुसार परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक पहचान मिली है। इस वर्ष योग दिवस ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम पर मनाया जा रहा है।
पूरे प्रदेश में होंगे योग कार्यक्रम
सीएम योगी ने निर्देश दिया कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, वार्डों, अमृत सरोवरों और ऐतिहासिक स्थलों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
20 जून को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने और योग दिवस कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस बल की नियमित गश्त और सुरक्षा निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।
जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन, जनता दर्शन और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि कई जिलों में निस्तारण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने सुधार के निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही तीन दिनों के भीतर सभी जिलों में सीएमओ की तैनाती सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए गए।