गोवा आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। गोवा की राजधानी पणजी में मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे राघव चड्ढा के BJP में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा कि यह "दुर्भाग्यपूर्ण" था। हालांकि उन्होंने इस विषय पर अधिक टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनके इस बयान को AAP के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
राघव चड्ढा के BJP में जाने पर पहली प्रतिक्रिया
अरविंद केजरीवाल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अप्रैल 2026 में आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से सात सांसदों ने पार्टी छोड़कर BJP का दामन थाम लिया था। इनमें राघव चड्ढा का नाम सबसे चर्चित रहा। राघव चड्ढा को AAP का प्रमुख चेहरा माना जाता था और पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में उनके BJP में शामिल होने को आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका माना गया था। अब पहली बार केजरीवाल ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
TMC में टूट को लेकर BJP पर हमला
ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हाल ही में हुई बड़ी टूट को लेकर भी अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए लगातार राजनीतिक दबाव और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल कर रही है। केजरीवाल ने कहा कि जनता किसी पार्टी को वोट देती है, लेकिन बाद में चुने हुए जनप्रतिनिधियों को दूसरी पार्टियों में शामिल कराकर जनादेश का अपमान किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
'BJP एक अनैतिक पार्टी'
केजरीवाल ने कहा कि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में जो घटनाएं हुई हैं, वे भारतीय लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP या तो पैसों के बल पर विधायकों और सांसदों को अपने पक्ष में करती है या फिर जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी दलों पर दबाव बनाती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को तोड़ना और विपक्ष को कमजोर करना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उनके मुताबिक ऐसी प्रवृत्तियों के खिलाफ सभी लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
'जनता के जनादेश का हो रहा अपमान'
AAP प्रमुख ने कहा कि जनता जब किसी राजनीतिक दल को वोट देती है तो वह उस पार्टी की विचारधारा और नेतृत्व पर भरोसा करके वोट देती है। यदि बाद में बड़ी संख्या में सांसद या विधायक दल बदल लेते हैं तो यह मतदाताओं के विश्वास को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोगों ने तृणमूल कांग्रेस को वोट देकर अपने प्रतिनिधि चुने थे, लेकिन बाद में बड़ी संख्या में सांसदों का अलग हो जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
गोवा में मुफ्त बिजली की मांग
राजनीतिक मुद्दों के अलावा केजरीवाल ने गोवा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को महंगे बिजली बिलों का सामना करना पड़ रहा है। AAP की ओर से लंबे समय से यह मांग की जा रही है कि गोवा के प्रत्येक परिवार को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार यह योजना लागू कर देती है और 15 जून 2026 तक के बिजली बिल माफ कर देती है, तो राज्य की लगभग 76 प्रतिशत आबादी को राहत मिल सकती है।
सरकार से मांगें लागू करने की अपील
केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को उठाती रही है और गोवा में भी लोगों को राहत दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की सरकार से अपील की कि वह बिजली से जुड़ी मांगों पर गंभीरता से विचार करे। उनके अनुसार, महंगाई के दौर में आम लोगों को राहत देने के लिए मुफ्त बिजली जैसी योजनाएं बेहद जरूरी हैं।