लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क को लेकर बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया गया है। आने वाले 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से करीब 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से 10 नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इस विस्तार के बाद मेट्रो सेवा सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बाराबंकी, उन्नाव, संडीला, इटौंजा, बख्शी का तालाब और मोहनलालगंज जैसे क्षेत्रों तक भी पहुंच जाएगी।
पीजीआई से बाराबंकी तक दौड़ेगी मेट्रो
प्रस्तावित योजना के तहत पीजीआई से बाराबंकी तक मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा मोहनलालगंज, बख्शी का तालाब और इटौंजा जैसे इलाकों को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इससे राजधानी और आसपास के जिलों के लाखों लोगों को राहत मिलेगी।
एयरपोर्ट-मुंशी पुलिया रूट का भी होगा विस्तार
मौजूदा एयरपोर्ट-मुंशी पुलिया मेट्रो लाइन का आगे विस्तार करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इसके जरिए शहर के बाहरी इलाकों और उपनगरीय क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी।
जुलाई से शुरू हो सकता है दूसरे चरण का काम
सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण के निर्माण कार्य की तैयारी पूरी कर ली गई है। जुलाई महीने से इस दिशा में काम शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। परियोजना को अगले 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
35 से 40 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
मेट्रो विस्तार योजना से करीब 35 से 40 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलने का अनुमान है। यात्रियों की सुविधा के लिए नए स्टेशनों पर पार्किंग, ई-बाइक और ई-साइकिल जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे लोगों को अंतिम गंतव्य तक पहुंचने में आसानी होगी।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
मेट्रो विस्तार से लखनऊ और आसपास के जिलों के बीच यातायात व्यवस्था मजबूत होगी। इससे सड़क पर वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलेगा।