मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के दक्षिण-पश्चिम और पूर्वी हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने मालवा-निमाड़ क्षेत्र के सात जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश के 14 जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की आशंका जताई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।
कई जिलों में उफान पर नदी-नाले
पिछले 24 घंटों के दौरान खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, धार, देवास और सिवनी सहित कई जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। लगातार हुई वर्षा के कारण छोटी-बड़ी नदियां और नाले उफान पर आ गए। कई ग्रामीण मार्गों पर पानी भरने से आवागमन भी प्रभावित हुआ।
बुरहानपुर जिले में ताप्ती और अमरावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। शहर के सुभाष चौक क्षेत्र में नाले के किनारे स्थित कुछ दुकानों के पिछले हिस्से अधिक जलभराव और मिट्टी कटाव के कारण धंस गए। वहीं सिवनी जिले में भीमगढ़ स्थित संजय सरोवर बांध में पानी का स्तर बढ़ने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से दो गेट खोल दिए गए, जिससे निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।राजधानी भोपाल में भी दिनभर बादल छाए रहे। दोपहर के समय करीब 15 मिनट तक तेज बारिश हुई, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी।
गोगांवां में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, खरगोन जिले के गोगांवां में सबसे अधिक 190 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि प्रदेश में मानसून सामान्य से कमजोर बना हुआ है। इस सीजन अब तक मध्यप्रदेश में औसतन 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 15 प्रतिशत और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
अगले 15 घंटे रहेंगे महत्वपूर्ण
मौसम विभाग का कहना है कि मालवा और निमाड़ क्षेत्र में अगले लगभग 15 घंटे तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने की संभावना है। विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी व्यापक स्तर पर भारी बारिश की संभावना नहीं है, हालांकि कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।
इन 14 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्यप्रदेश के 14 जिलों में 1 अगस्त 2026 की सुबह 11:30 बजे तक अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई है। जिन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, उनमें आगर-मालवा, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, देवास, धार, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, रतलाम और शाजापुर शामिल हैं।
अगले 24 घंटे का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार और रतलाम जिलों में अधिकांश स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और लगभग 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, इंदौर, खंडवा, देवास, उज्जैन, आगर, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है।