घरेलू वायदा बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दोनों कीमती धातुओं में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब आधा प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सुबह 9:50 बजे सोने का 5 अगस्त 2026 का वायदा अनुबंध ₹832 या 0.58 प्रतिशत गिरकर ₹1,42,400 प्रति 10 ग्राम पर था। वहीं, चांदी का 4 सितंबर 2026 का अनुबंध ₹1,057 या 0.48 प्रतिशत की कमजोरी के साथ ₹2,18,910 प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था।
सोना ₹1,42,929 पर खुला, फिर बढ़ा बिकवाली का दबाव
MCX पर 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला सोने का अनुबंध पिछले सत्र में ₹1,43,232 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। शुक्रवार को यह ₹1,42,929 पर खुला और कुछ ही समय में गिरकर ₹1,42,253 के निचले स्तर तक पहुंच गया।
सुबह 9:50 बजे यह ₹1,42,400 प्रति 10 ग्राम पर था। शुरुआती कारोबार में ₹1,42,929 इसका उच्चतम स्तर रहा। MCX से जुड़े लाइव बाजार डेटा में भी पिछले बंद और शुरुआती भाव की पुष्टि होती है।
चांदी में ₹1,000 से ज्यादा की गिरावट
चांदी का 4 सितंबर 2026 का अनुबंध पिछले कारोबारी सत्र में ₹2,19,967 प्रति किलो पर बंद हुआ था। शुक्रवार को इसकी शुरुआत ₹2,18,769 से हुई।
कारोबार के दौरान चांदी ₹2,18,538 प्रति किलो के निचले स्तर तक पहुंची। सुबह 9:50 बजे इसका भाव ₹2,18,910 प्रति किलो था, जो पिछले बंद के मुकाबले ₹1,057 कम था।
| कीमती धातु | अनुबंध | पिछला बंद | खुलने का भाव | सुबह 9:50 का भाव | बदलाव |
|---|---|---|---|---|---|
| सोना | 5 अगस्त 2026 | ₹1,43,232/10 ग्राम | ₹1,42,929 | ₹1,42,400 | -₹832 |
| चांदी | 4 सितंबर 2026 | ₹2,19,967/किलो | ₹2,18,769 | ₹2,18,910 | -₹1,057 |
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी कमजोर
घरेलू बाजार की तरह अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में भी बिकवाली का रुझान रहा। Reuters के 07:03 GMT के अपडेट के अनुसार स्पॉट गोल्ड 0.7 प्रतिशत गिरकर 4,075.35 डॉलर प्रति औंस पर था। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.6 प्रतिशत कमजोर होकर 4,074 डॉलर प्रति औंस पर आ गए। स्पॉट सिल्वर में सोने से अधिक गिरावट दर्ज की गई। यह 1.5 प्रतिशत टूटकर 58.12 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही थी।
फेड ने ब्याज दरें नहीं बदलीं, फिर भी क्यों गिरा सोना?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 29 जुलाई की बैठक में फेडरल फंड्स रेट का लक्ष्य दायरा 3.50 से 3.75 प्रतिशत पर बरकरार रखा। यह निर्णय 9–3 के मत से लिया गया। फेड के तीन सदस्य—बेथ हैमैक, नील काशकारी और लॉरी लोगन—ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के पक्ष में थे। तीन सदस्यों की असहमति से बाजार में यह संदेश गया कि महंगाई को लेकर फेड के भीतर चिंता अभी बनी हुई है और आने वाली बैठकों में दर बढ़ाने का विकल्प खुला रह सकता है। इसलिए केवल दरें स्थिर रखना सोने के लिए पर्याप्त सकारात्मक संकेत साबित नहीं हुआ। निवेशकों को फेड की आगे की नीति के बारे में कोई स्पष्ट दिशा नहीं मिलने से बाजार में सतर्कता बढ़ी।
मजबूत डॉलर ने भी कीमती धातुओं पर बनाया दबाव
शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर में लगभग 0.3 प्रतिशत की रिकवरी दर्ज की गई। डॉलर मजबूत होने पर डॉलर में खरीदे-बेचे जाने वाले सोने और चांदी की लागत दूसरी मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए बढ़ जाती है। इससे अंतरराष्ट्रीय मांग पर दबाव पड़ सकता है। गुरुवार की तेजी के बाद सोने में मुनाफावसूली भी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों ने गिरावट के पीछे मजबूत डॉलर और हाल की बढ़त के बाद प्रॉफिट बुकिंग को प्रमुख कारण बताया।
सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की आशंका
Reuters की रिपोर्ट के समय वायदा बाजार सितंबर की बैठक में अमेरिकी ब्याज दर बढ़ने की लगभग 65 प्रतिशत संभावना का संकेत दे रहा था। यह अनुमान CME FedWatch के आंकड़ों पर आधारित था और बाजार की चाल के साथ बदल सकता है। सोने पर कोई नियमित ब्याज नहीं मिलता। इसलिए जब निवेशकों को सरकारी बॉन्ड और दूसरी ब्याज देने वाली संपत्तियों पर अधिक रिटर्न मिलने की उम्मीद होती है, तब सोने की निवेश मांग कुछ कमजोर पड़ सकती है।
आगे किन संकेतों पर रहेगी बाजार की नजर?
सोने और चांदी की अगली दिशा मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड, महंगाई से जुड़े आंकड़ों और फेड अधिकारियों की टिप्पणियों से प्रभावित हो सकती है। घरेलू बाजार में इन वैश्विक संकेतों के साथ डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल भी महत्वपूर्ण रहेगी। अंतरराष्ट्रीय सोना गिरने के बावजूद रुपये में कमजोरी आने पर MCX की कीमतों में गिरावट सीमित हो सकती है।
बाजार इन प्रमुख संकेतों पर नजर रखेगा:
- अमेरिकी महंगाई और रोजगार के आंकड़े
- डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड
- सितंबर की फेड बैठक से जुड़ी अपेक्षाएं
- वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम
- भारत में रुपये की चाल और घरेलू मांग
MCX भाव और ज्वेलरी की कीमत में क्या अंतर है?
MCX पर दिखने वाला भाव वायदा अनुबंध का मूल्य होता है। यह सर्राफा बाजार या ज्वेलरी शोरूम में मिलने वाले अंतिम भाव के समान होना जरूरी नहीं है। आभूषण खरीदते समय सोने की शुद्धता, स्थानीय बाजार भाव, तीन प्रतिशत GST, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क जोड़े जा सकते हैं। इसलिए ₹1,42,400 प्रति 10 ग्राम का MCX भाव किसी ज्वेलरी शोरूम का अंतिम बिल नहीं माना जाना चाहिए। इसी तरह MCX चांदी का भाव भी वायदा बाजार से संबंधित है। सिक्कों, बर्तनों या आभूषणों के खुदरा मूल्य में विक्रेता का प्रीमियम और टैक्स अलग हो सकता है।
खरीदारों और निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
सोने या चांदी की खरीदारी करते समय केवल एक समय के भाव के आधार पर निर्णय लेने के बजाय कीमत में हो रहे उतार-चढ़ाव, शुद्धता और अतिरिक्त शुल्क की जांच करना जरूरी है। आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को हॉलमार्क, HUID और विस्तृत बिल की जांच करनी चाहिए। वायदा बाजार में कारोबार करने वालों के लिए मूल्य में तेज बदलाव और मार्जिन से जुड़ा जोखिम अधिक हो सकता है।
FAQ: सोने-चांदी के भाव से जुड़े सवाल
आज MCX पर सोने का भाव कितना था?
शुक्रवार सुबह 9:50 बजे 5 अगस्त 2026 का सोना वायदा ₹1,42,400 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। यह पिछले बंद के मुकाबले ₹832 नीचे था।
चांदी में कितनी गिरावट आई?
सुबह 9:50 बजे सितंबर वायदा चांदी ₹1,057 गिरकर ₹2,18,910 प्रति किलो पर थी।
फेड ने दरें नहीं बढ़ाईं, फिर भी सोना क्यों गिरा?
फेड के तीन सदस्यों ने दर बढ़ाने का समर्थन किया। इससे भविष्य में मौद्रिक नीति सख्त होने की आशंका बढ़ी। डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली ने भी सोने पर दबाव बनाया।
क्या MCX का भाव ज्वेलरी खरीदने का अंतिम भाव है?
नहीं।
MCX का भाव वायदा बाजार का होता है। खुदरा ज्वेलरी के मूल्य में शुद्धता, GST, मेकिंग चार्ज और स्थानीय प्रीमियम शामिल हो सकते हैं।
सोने और चांदी की अगली चाल किससे तय होगी?
अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड, फेड की ब्याज दर नीति, महंगाई के आंकड़े, रुपये की चाल और वैश्विक घटनाक्रम प्रमुख कारक होंगे।