भोपाल, 14 सितंबर 2026 | मध्यप्रदेश में जनसेवा को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एक महीने के इस अभियान में गांव से लेकर शहर तक सेवा, स्वच्छता, हितग्राही कल्याण, सामाजिक सहभागिता, युवा नवाचार और नागरिक दायित्व से जुड़े कार्यक्रम होंगे। सरकार का फोकस केवल आयोजन कराने पर नहीं, बल्कि पात्र लोगों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाने और उसके परिणाम दर्ज करने पर भी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जुड़े इस अभियान में प्रदेश के सभी जिलों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ने की तैयारी है। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने भी 12 सितंबर को अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को इसमें सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
13 प्रमुख गतिविधियों के साथ चलेगा अभियान
सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रदेश में अलग-अलग स्तर पर करीब 13 प्रमुख गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘सेवा चित्र’, ‘सेवा स्मरण’, ‘आंगन का मिलन’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु-सरकार आपके द्वार’, ‘सेवा के रंग’, हैकाथॉन एवं इनोवेशन चैलेंज, ‘जनसेवक महाकुंभ’ और ‘25 साल-25 कहानियां’ जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। हर जिले में कार्यक्रमों का तारीख, स्थान और जिम्मेदार अधिकारी के हिसाब से कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग भी होगी।
‘आशीर्वाद का दीया’ से होगी शुरुआत
17 सितंबर को अभियान की शुरुआत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। इसके तहत सरकारी योजनाओं से लाभान्वित परिवारों की सत्यापित सूची तैयार कर उनके घरों और चिन्हित क्षेत्रों में दीप प्रज्ज्वलन कराया जाएगा। ताजा तैयारियों में प्रदेशभर में लाखों हितग्राही परिवारों को इससे जोड़ने की योजना है। उज्जैन के श्री महाकाल लोक और निवाड़ी के श्री रामराजा लोक, ओरछा में भी विशेष दीपोत्सव की तैयारी है।
स्कूलों में ‘सेवा चित्र’, बच्चों को जोड़ने की तैयारी
17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच सरकारी और निजी स्कूलों में ‘सेवा चित्र’ कार्यक्रम होंगे। इनमें चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं के जरिए सेवा कार्यों और विकसित भारत की अवधारणा को विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। श्रेष्ठ चित्रों की प्रदर्शनी लगेगी और चुने गए विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। चयनित प्रविष्टियों को राज्य स्तर तक प्रदर्शित करने की भी योजना है।
नुक्कड़ नाटक से बताई जाएंगी योजनाएं
‘सेवा स्मरण’ के तहत सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और जनसेवा से जुड़े संदेशों को संगीतमय नाटक और नुक्कड़ प्रस्तुतियों के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा। हर जिले में सांस्कृतिक दलों को सूचीबद्ध कर स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायत और सार्वजनिक स्थलों पर प्रस्तुतियां कराई जाएंगी। 2 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर भी कार्यक्रम होंगे।
आंगनवाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन का मिलन’
25 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच आंगनवाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम होंगे। इनमें माताओं को पोषण, स्वास्थ्य और महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के साथ लाभार्थी माताओं को सम्मानित किया जाएगा और बच्चों के लिए गतिविधियां आयोजित होंगी।
लाभार्थियों की कहानी भी आएगी सामने
‘कहानी बदलाव की’ के तहत सरकारी योजनाओं से जिन लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है, उनकी वास्तविक सफलता-कथाएं वीडियो और डिजिटल कंटेंट के रूप में सामने लाई जाएंगी। इसमें लाभार्थी का नाम, योजना, स्थान और उससे हुए बदलाव को रिकॉर्ड कर सत्यापित Success Stories तैयार की जाएंगी।
गांव-गांव निकलेगी ‘सेवा ज्योति यात्रा’
प्रदेश में ग्राम, जिला और राज्य स्तर पर सेवा ज्योति यात्राएं निकाली जाएंगी। अलग-अलग दिशाओं से आने वाली यात्राएं निर्धारित स्थान पर पहुंचेंगी, जहां नागरिक विकसित भारत 2047 का सामूहिक संकल्प लेंगे। इसी अभियान से जुड़ी वडनगर से वाराणसी ‘जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ भी विभिन्न राज्यों से गुजरेगी। मध्यप्रदेश में इसके पड़ावों को भी स्थानीय नागरिकों और हितग्राहियों से जोड़ने की तैयारी है।
ध्यान दें: वडनगर है, बड़नगर नहीं
यहां एक महत्वपूर्ण तथ्यात्मक सुधार जरूरी है। यात्रा गुजरात के वडनगर से वाराणसी तक है। वडनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मस्थान है। इसे मध्यप्रदेश के बड़नगर से शुरू होने वाली यात्रा न लिखें।
‘सेवा मेरा योगदान’ में 25 तरह की गतिविधियां
अभियान में आम नागरिकों को रक्तदान, पौधरोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, वृद्धाश्रम-अनाथालय सेवा, डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा, योग, नशा मुक्ति, जल संरक्षण, महिला स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और दिव्यांगजन सहयोग जैसी 25 सेवा गतिविधियों से जोड़ने की योजना है। मुख्य सचिव की समीक्षा के बाद जारी ताजा जानकारी के मुताबिक ‘सेवा मेरा योगदान’ 2 से 10 अक्टूबर के बीच विशेष रूप से आयोजित होगा और प्रत्येक जिले को कम से कम 10 गतिविधियां चुननी होंगी।
‘सरकार आपके द्वार’ में मौके पर मिलेगा योजनाओं का लाभ
‘सेवा सेतु-सरकार आपके द्वार’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विकासखंड और शहरी क्षेत्रों में जोन स्तर पर मेगा कैंप लगाए जाएंगे। यहां अधिकारी नागरिकों की पात्रता जांचेंगे और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के लिए आवेदन, दस्तावेज और हितलाभ दिलाने में मदद करेंगे। ताजा कार्ययोजना के अनुसार ये शिविर भी 2 से 10 अक्टूबर के बीच आयोजित किए जाएंगे।
युवाओं के लिए Hackathon और Innovation Challenge
युवा, विद्यार्थी, स्टार्टअप, प्रोफेशनल और innovators को अभियान में जोड़ने के लिए Hackathon और Innovation Challenge आयोजित किए जाएंगे। चुने गए नवाचारों के Live Demo और प्रदर्शनी के साथ विशेषज्ञों से संवाद कराया जाएगा। सरकार युवाओं की भागीदारी को विकसित भारत के लिए नए समाधान तैयार करने से जोड़ रही है।
17 अक्टूबर को ‘पंचायत से पार्लियामेंट’
अभियान के आखिरी चरण में 17 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’ से मध्यप्रदेश की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा ‘25 साल, 25 कहानियां’ के जरिए प्रमुख योजनाओं और विकास उपलब्धियों को QR Code आधारित curated kits और दूसरे माध्यमों से लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है।
CM Helpline से होगी Monitoring
अभियान की बड़ी खासियत इसकी मॉनिटरिंग व्यवस्था होगी। CM Helpline Portal पर अलग मॉड्यूल के जरिए जिलेवार और गतिविधिवार प्रगति दर्ज करने की तैयारी है। सरकार ने साफ किया है कि केवल कार्यक्रमों की संख्या नहीं गिनी जाएगी। जहां लागू हो वहां फोटो-वीडियो, Before-After Evidence, सेवा शिविरों में मिले आवेदन, स्वीकृत आवेदन, वास्तविक लाभार्थी, स्वयंसेवकों की संख्या और श्रमदान के घंटों तक का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
सरकार का लक्ष्य- सेवा को जनआंदोलन बनाना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि अभियान में जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक और स्वयंसेवी संगठन, स्कूल-कॉलेज, युवा, महिलाएं, स्व-सहायता समूह, वरिष्ठ नागरिक और धार्मिक-सामाजिक संस्थाएं शामिल होंगी। सरकार की कोशिश है कि अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम बनकर न रह जाए, बल्कि सेवा और जनभागीदारी को व्यापक नागरिक अभियान का रूप मिले।