जयपुर, 14 सितंबर 2026 | राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में सोमवार सुबह से वोटों की गिनती जारी है और शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस से आगे दिखाई दे रही है। प्रदेश के कुल 309 नगरीय निकायों के 10,245 पार्षद पदों के लिए मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, अलवर, कोटा और दूसरे बड़े शहरों के नतीजों पर सबसे ज्यादा नजर बनी हुई है। सुबह के शुरुआती दौर में BJP को कई नगर निगमों में बढ़त मिली है। हालांकि सभी वार्डों की मतगणना पूरी नहीं हुई है, इसलिए अभी इसे अंतिम परिणाम या पूरे राजस्थान में भाजपा की अंतिम जीत घोषित करना जल्दबाजी होगी।
309 निकाय, लेकिन 10,245 पार्षद सीटें
राजस्थान में इस बार एक साथ 309 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव कराए गए हैं। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं। इन सभी निकायों में कुल 10,245 पार्षद चुने जाने हैं। इसलिए “309 सीटों के नतीजे” लिखना तकनीकी रूप से गलत है। 309 निकायों के अंदर हजारों वार्ड हैं और हर वार्ड से अलग पार्षद चुना जा रहा है।
163 BJP, 103 Congress वाला आंकड़ा क्या है?
कुछ लाइव रिपोर्टों में सुबह एक समय BJP 163, कांग्रेस 103 और निर्दलीय 43 के आंकड़े दिखाए गए। लेकिन ये तीनों आंकड़े जोड़ने पर ठीक 309 बनते हैं, जबकि वास्तविक पार्षद सीटों की संख्या 10,245 है। इसी दौरान दूसरे विश्वसनीय लाइव स्रोत मतगणना जारी होने और हजारों वार्डों के नतीजे बाकी होने की बात कह रहे थे। इसलिए 163-103-43 को अंतिम statewide councillor result की तरह प्रकाशित नहीं करना चाहिए। इसे अधिकतम किसी शुरुआती body-level snapshot या अपूर्ण live tally के रूप में ही लिया जा सकता है।
नगर निगमों में भी BJP ने बनाई बढ़त
सुबह 10 बजे के आसपास उपलब्ध एक ताजा अपडेट में BJP राजस्थान के कई प्रमुख नगर निगमों में आगे चल रही थी। Jaipur, Udaipur, Jodhpur, Pali, Bhilwara, Kota, Alwar, Ajmer और Bikaner जैसे शहरों के रुझान खास तौर पर राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। हालांकि नगर निगमों में कौन अंतिम रूप से बोर्ड बनाएगा, इसका फैसला सभी वार्ड नतीजे आने के बाद ही साफ होगा।
9 और 11 सितंबर को हुआ था मतदान
राजस्थान के निकाय चुनाव दो चरणों में कराए गए। पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान हुआ। पहले चरण में 162 शहरी निकाय और दूसरे चरण में 147 निकाय शामिल थे। दूसरे चरण में 70.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि दोनों चरणों का समग्र मतदान करीब 72.95 प्रतिशत रहा। इसलिए 73.56 प्रतिशत को पूरे राजस्थान का अंतिम मतदान प्रतिशत लिखना सही नहीं है।
करीब 38,891 उम्मीदवार मैदान में
नाम वापसी के बाद राजस्थान के 10,245 वार्डों में करीब 38,891 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए थे। इनमें भाजपा, कांग्रेस के साथ RLP, AAP, BSP, CPM, BAP और बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी शामिल थे। चुनाव से पहले ही 77 उम्मीदवार निर्विरोध पार्षद चुने गए थे। इनमें BJP के 44, कांग्रेस के 16 और 17 निर्दलीय थे।
BJP के लिए क्यों अहम है चुनाव?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के लिए यह चुनाव बड़ा राजनीतिक टेस्ट माना जा रहा है। 2023 विधानसभा चुनाव में सत्ता हासिल करने के बाद शहरी क्षेत्रों में पार्टी की जमीनी पकड़ का यह महत्वपूर्ण पैमाना है। अगर BJP नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं में बड़ी संख्या में बोर्ड बनाने की स्थिति में आती है तो पार्टी इसे सरकार और संगठन दोनों के लिए मजबूत राजनीतिक संकेत के रूप में पेश कर सकती है।
Congress के लिए भी बड़ा इम्तिहान
कांग्रेस के लिए नगर निकाय चुनाव यह बताने वाला है कि विधानसभा चुनाव की हार के बाद पार्टी का शहरी और वार्ड स्तर का संगठन कितना मजबूत है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कांग्रेस नेतृत्व ने चुनाव में जोर लगाया था। अब नतीजों से यह पता चलेगा कि पार्टी स्थानीय स्तर पर BJP को कितनी चुनौती दे पाई।
आज पार्षद, 21 सितंबर को Mayor-Chairman का फैसला
14 सितंबर को पार्षद पदों के नतीजे घोषित किए जा रहे हैं, लेकिन शहरी सत्ता की पूरी तस्वीर आज ही अंतिम रूप से तय नहीं होगी। नगर निगमों के Mayor और अन्य निकायों के Chairperson/President का चुनाव 21 सितंबर को होगा। इसके बाद 22 सितंबर को Deputy Mayor, Deputy Chairperson और Vice-President के चुनाव होंगे। इसलिए किसी निकाय में स्पष्ट बहुमत नहीं होने पर निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद अहम हो सकती है।
निर्दलीय बन सकते हैं Kingmaker
राजस्थान के कई स्थानीय निकायों में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला बेहद करीबी है। ऐसे स्थानों पर निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी वजह से नतीजों से पहले दोनों प्रमुख दलों की ओर से अपने उम्मीदवारों और संभावित विजेताओं को साथ रखने की कवायद भी सामने आई थी।
अंतिम तस्वीर आने का इंतजार
फिलहाल शुरुआती रुझानों में भाजपा को बढ़त जरूर दिख रही है, लेकिन हजारों वार्डों की मतगणना पूरी होने के बाद ही अंतिम statewide seat tally सामने आएगी। इसके बाद भी असली राजनीतिक तस्वीर 21 सितंबर को Mayor, सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव के साथ और स्पष्ट होगी।