भिवंडी - महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया। नारपोली क्षेत्र के भंडारी कंपाउंड में स्थित एक चार मंजिला इमारत का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। इमारत गिरते ही तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
राहत-बचाव के लिए कई एजेंसियां मौके पर पहुंचीं
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, नगर निगम और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरे मलबे की तलाशी पूरी नहीं हो जाती, तब तक अभियान नहीं रोका जाएगा। आसपास के क्षेत्र को भी सुरक्षा के लिहाज से खाली करा दिया गया है, ताकि बचाव कार्य बिना किसी रुकावट के पूरा किया जा सके।
पहले ही जर्जर घोषित हो चुकी थी इमारत
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिस इमारत का हिस्सा गिरा है उसे नगर निगम पहले ही खतरनाक श्रेणी में शामिल कर चुका था। तकनीकी जांच के बाद भवन को रहने के लिए असुरक्षित माना गया था और अधिकांश परिवारों को वहां से हटाने की कार्रवाई भी की गई थी। इसके बावजूद हादसे के समय भवन के भूतल पर कुछ मजदूर काम कर रहे थे, जो मलबे की चपेट में आ गए।
मजदूरों के फंसे होने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के समय ग्राउंड फ्लोर पर काम चल रहा था। आशंका है कि छह से सात मजदूर मलबे के नीचे फंस गए हैं। राहत दल हर हिस्से की सावधानीपूर्वक जांच कर रहा है ताकि किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। प्रशासन ने फिलहाल फंसे लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
महिला को सुरक्षित निकाला गया
बचाव अभियान के दौरान टीमों को एक बड़ी सफलता मिली। मलबे में फंसी एक महिला को जीवित बाहर निकाल लिया गया। मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद तुरंत नजदीकी अस्पताल भेज दिया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि समय रहते राहत कार्य पूरा होने से अन्य लोगों को भी सुरक्षित निकाला जा सकता है।
हादसे के कारणों की होगी जांच
प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि जर्जर घोषित किए जाने के बावजूद इमारत के परिसर में काम क्यों जारी था और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना है। वहीं, स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाएं और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।