मध्य प्रदेश में नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों के खाली पदों पर होने वाले उपचुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने वार्षिक पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अंतिम फोटोयुक्त मतदाता सूची प्रकाशित कर दी है। आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर नगरीय निकाय और पंचायत—दोनों श्रेणियों की अंतिम मतदाता सूची देखने की सुविधा उपलब्ध है। आगामी उपचुनाव में मतदान इसी अपडेटेड मतदाता सूची के आधार पर कराया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आयोग नवंबर-दिसंबर 2026 के दौरान नगरीय निकायों और पंचायतों के रिक्त पदों पर उपचुनाव कराने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, मतदान और मतगणना की निश्चित तारीखें औपचारिक चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।
वार्षिक पुनरीक्षण के बाद तैयार हुई अंतिम सूची
राज्य निर्वाचन आयोग ने 4 जून 2026 को नगरपालिकाओं और पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण का संशोधित कार्यक्रम जारी किया था। इसके तहत प्रारूप सूची का प्रकाशन, दावे-आपत्तियां प्राप्त करने, आवेदनों का निराकरण और अंतिम सूची तैयार करने की प्रक्रिया पूरी की गई। अब जिलों में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। मतदाता आयोग के पोर्टल पर अपने क्षेत्र, वार्ड या पंचायत की सूची में नाम की स्थिति भी देख सकते हैं।
SIR के बाद अपडेट हुए मतदाता रिकॉर्ड
भारत निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश में 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision—SIR कराया था। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्य प्रदेश के पोर्टल के अनुसार SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया गया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, राज्य निर्वाचन आयोग ने इसी अपडेटेड निर्वाचन डेटा के आधार पर नगरीय निकायों और पंचायतों की मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया। स्थानीय स्तर पर प्राप्त दावे-आपत्तियों तथा संशोधन आवेदनों का निपटारा करने के बाद सूची को अंतिम रूप दिया गया।
किन प्रविष्टियों की हुई जांच?
मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के लिए सत्यापन प्रक्रिया के दौरान मुख्य रूप से तीन तरह की प्रविष्टियों की जांच की गई:
- स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता: ऐसे नागरिक जो संबंधित वार्ड या पंचायत क्षेत्र छोड़कर किसी दूसरी जगह रहने लगे हैं।
- डुप्लिकेट प्रविष्टियां: ऐसे नाम जो एक से अधिक स्थानों या मतदाता सूचियों में दर्ज पाए गए।
- मृत मतदाता: ऐसे नागरिक जिनकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनका नाम सूची में बना हुआ था।
SIR प्रक्रिया में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट मतदाताओं को ASD/Duplicate श्रेणी के तहत चिह्नित किया जाता है। निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया के अनुसार किसी नाम को हटाने से पहले निर्धारित सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाती है।
रिक्त पदों का ताजा ब्योरा जिलों से मांगा गया
उपचुनाव की प्रशासनिक तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने 28 जुलाई 2026 को पंचायतों और नगरीय निकायों में आकस्मिक रूप से खाली हुए पदों की जानकारी ऑनलाइन भेजने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड में पंचायतों और नगरीय निकायों के लिए अलग-अलग आदेश दर्ज हैं। इससे संकेत मिलता है कि आयोग चुनाव योग्य रिक्त पदों की अंतिम स्थिति तैयार करने में जुटा है। जिलों से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह तय होगा कि किन ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों, जिला पंचायतों और नगरीय निकायों में उपचुनाव कराया जाना है।
नवंबर-दिसंबर में संभावित उपचुनाव
मीडिया रिपोर्ट में राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि खाली पदों के लिए उपचुनाव नवंबर-दिसंबर 2026 में कराए जा सकते हैं। इन चुनावों में इसी अंतिम मतदाता सूची का उपयोग होगा। हालांकि, इस खबर के प्रकाशन तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर मतदान, मतगणना, नामांकन और नाम वापसी की तारीखों वाला विस्तृत चुनाव कार्यक्रम उपलब्ध नहीं था। इसलिए नवंबर-दिसंबर की समयसीमा को फिलहाल संभावित कार्यक्रम माना जाना चाहिए। अंतिम तारीखें आयोग की अधिसूचना के बाद ही प्रमाणित होंगी।
मतदाता अभी जांच लें अपना नाम
नगरीय निकाय या पंचायत उपचुनाव में मतदान के लिए संबंधित वार्ड या पंचायत की मतदाता सूची में नाम दर्ज होना जरूरी है। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर नाम खोजने और अंतिम सूची देखने की सुविधा दी गई है। नाम नहीं मिलने, गलत जानकारी दर्ज होने या पता बदलने की स्थिति में मतदाता संबंधित रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा स्थानीय निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। आयोग के पोर्टल पर नाम जोड़ने, हटाने, संशोधन कराने और अपील से संबंधित निर्धारित आवेदन भी उपलब्ध हैं।
उपचुनाव से पहले सूची का प्रकाशन क्यों महत्वपूर्ण?
अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद चुनाव प्रशासन को मतदान केंद्र, मतदाता संख्या, आवश्यक कर्मचारियों और चुनाव सामग्री का आकलन करने में मदद मिलती है। राजनीतिक दल और संभावित उम्मीदवार भी अपने क्षेत्र की मतदाता सूची का अध्ययन कर सकते हैं। रिक्त पदों की जानकारी मिलने और अंतिम सूची तैयार होने के बाद अब अगला महत्वपूर्ण कदम उपचुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा होगी।