नई दिल्ली। देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून अब अपने पूरे प्रभाव में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 जुलाई से 5 अगस्त के बीच उत्तर, पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है। लगातार बारिश की आशंका को देखते हुए कई राज्यों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। कुछ जगहों पर स्कूल बंद किए गए हैं, जबकि बाढ़ और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को पहले से तैनात कर दिया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में उमस के बाद बारिश के आसार
राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदलता रहेगा। दिन में गर्मी और उमस महसूस हो सकती है, लेकिन दोपहर या शाम के समय बारिश राहत दे सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों में बढ़ा खतरा
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में लगातार बारिश की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, जबकि संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का जोखिम भी बना हुआ है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है।
उत्तर और मध्य भारत में भी रहेगा बारिश का असर
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। कई जिलों में भारी बारिश की संभावना के चलते स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। वहीं बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
गुजरात में सबसे ज्यादा सतर्कता
गुजरात में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सूरत, अहमदाबाद, वडोदरा, भरूच, तापी, डांग और नर्मदा सहित कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट लागू है। एहतियात के तौर पर कुछ जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है, जबकि आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
पूर्वोत्तर में बारिश से जनजीवन प्रभावित
असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। असम में बाढ़ का असर अभी भी बना हुआ है और बड़ी संख्या में लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। वहीं ओडिशा के कई जिलों में भी लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है।
दक्षिण भारत में भी बारिश जारी रहेगी
कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी मानसून सक्रिय रहेगा। कुछ तटीय इलाकों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
लोगों के लिए क्या है सलाह?
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें, नदी-नालों के पास न जाएं और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोग विशेष सावधानी बरतें।
Key Highlights
- 5 अगस्त तक कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना।
- दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बारिश के आसार।
- गुजरात में रेड अलर्ट, कई जिलों में एहतियाती कदम।
- हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा।
- असम और ओडिशा में बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की नजर।
- मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत में भी मानसून रहेगा सक्रिय।