लखनऊ। उत्तरप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ती नजर आ रही है। गुरुवार को राजधानी लखनऊ, कानपुर और कई अन्य शहरों में मौसम साफ रहा, जबकि वाराणसी, मेरठ, बिजनौर सहित कुछ जिलों में बारिश दर्ज की गई। हालांकि सीमित बारिश के बावजूद कई इलाकों में जलभराव और नदी कटान जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने राज्य के 41 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बिजनौर में बारिश से सड़कें बनीं तालाब, सरकारी दफ्तरों में घुसा पानी
बिजनौर में हुई तेज बारिश ने नगर की व्यवस्था की पोल खोल दी। कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात प्रभावित रहा और लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे रहे कि कई सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगीं।जलभराव का असर सरकारी कार्यालयों पर भी देखने को मिला। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय और आवास विकास विभाग के कार्यालय में भी बारिश का पानी भर गया, जिससे कर्मचारियों और आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मेरठ में गंगा का कटाव तेज, नदी में समाया बिजली का टावर
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। मेरठ में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटाव तेज हो गया। नदी किनारे लगा एक बिजली का टावर तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बह गया।प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नदी किनारे बसे लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।
हरिद्वार में SDRF जवान ने बचाई कांवड़िए की जान
हरिद्वार में गंगा के तेज बहाव के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। मेरठ से आया एक कांवड़िया स्नान के दौरान तेज धारा में बहने लगा। मौके पर मौजूद राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के जवान ने बिना देर किए नदी में छलांग लगाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जवान की तत्परता की लोगों ने सराहना की।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ा, बोटिंग पर रोक
वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने अगले आदेश तक नौका संचालन पर रोक लगा दी है। घाटों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों से नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की गई है।
बलिया में नदी कटान से बढ़ी चिंता, परिवारों ने छोड़े घर
बलिया जिले में सरयू नदी का कटाव लगातार तेज हो रहा है। कटान की चपेट में आने से दो मकान नदी में समा गए, जबकि खतरे को देखते हुए 100 से अधिक परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए टीमें तैयार रखी गई हैं।
41 जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 41 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करीब 10 जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। साथ ही लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
क्यों धीमी पड़ गई मानसून की गतिविधियां?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब मध्य भारत की ओर बढ़ गया है। इसी कारण उत्तर प्रदेश में मानसूनी बादलों की सक्रियता कम हो गई है। सैटेलाइट तस्वीरों में भी राज्य के लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्से में बादलों की कमी देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में मौसम के सिस्टम में बदलाव होने पर फिर से बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।